टोंक34 मिनट पहले
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तेज बारिश से सड़कों में बहता पानी।
जिले के कई क्षेत्रों में शुक्रवार दोपहर बाद से ही मानसून मेहरबान रहे। कई तेज तो कई स्थानों पर मध्यम दर्जे की बारिश हुई। इससे कई बांधों, तालाबों में पानी की आवक हो रही है। हालांकिजि के सबसे बड़े बीसलपुर बांध शुक्रवार को पानी की आवक नहीं बताई गई है।
बाढ़ नियंत्रण कक्ष के अनुसार शुक्रवार सुबह 8 से शाम 5 बजे के बीच टोंक शहर में सर्वाधिक 29 एमएम बारिश हुई। वहीं मासी में 27, पीपलू व पनवाड़ क्षेत्र में 15-15 एम बारिश हुई। गलवानिया, चांदसेन, टोरडीसागर, ठीकरिया आदि क्षेत्रों में भी अच्छी बारिश होने से लोगों में खुशी है। हालांकि जिले के कई क्षेत्रों में बारिश नहीं होने से लोगों को निराश हाथ लगी है।
उल्लेखनीय है कि पिछले कई दिनों से सक्रिय मानसून की बारिश नहीं होने से जिले की 1.80 लाख हैक्टेयर की खरीफ फसलें मुरझाने लगी थी। इतना ही नहीं किसान अन्य फसलों की भी बोआई नहीं कर पा रहे थे, लेकिन शुक्रवार को बीतता आषाढ में हुई बारिश से कई क्षेत्र पानी- पानी हो गए। इससे अगेती खरीफ फसलों को पानी के अभाव में दम तोड़ती फसलों को जीवनदान मिल गया है।
ज्वार, बाजरे समेत अन्य खरीफ फसलों को मिला जीवन:
जिले के 1.80 लाख हैक्टेयर में बोई गई फसलों को बारिश होने से 15 दिन के लिए जीवन मिल गया है। इसके साथ ही बोआई का रकबा भी बढ़ेगा। कृषि विभाग में सहायक निदेशक सांख्यिकी सुगरसिंह मीणा ने बताया कि बारिश नहीं होने से फसलों की स्थिति बिगड़ने लगी थी।
इससे किसान के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया था। कई किसान फसलों की बोआई भी नहीं कर पा रहे थे। मानसूनी बारिश होने से सूखती फसलों को 15 दिन के लिए जीवनदान मिल गया है। इस बारिश से फसलों में पानी की जरूरत पूरी तो नहीं हुई है, लेकिन राहत जरूर मिल गई है।
पिछले साल से मुकाबले तो अधिक हो चुकी बारिश
सिंचाई विभाग की जेईएन अंजली ने बताया कि पिछले साल भी 23 जुलाई तक जिले में औसत 92 एमएम बारिश हुई थी। जबकि इस बार भी जिले में औसत 94.95 एमएम बारिश हो चुकी। विभाग के मुताबिक पिछले साल अगस्त माह में बारिश का आंकड़ा बढ़ा था। कृषि विभाग के अनुसार पिछले साल 23 जुलाई तक जिले में दो लाख हैक्टेयर में बोआई कर दी गई थी, जबकि इस बार 1.80 हजार हैक्टेयर में ही बोआई हो सकी है। हालांकि किसान बुवाई करने में जुटे है।
कहां कितनी बारिश हुई:
रेनगेज बारिश (एमएम में)
मासी में 27,
टोंक में 29
पीपलू 15
पनवाड़ 15
गलवानिया 4
टाेरडीसागर 12
चांदसेन 15
ठिकरिया 15
ये क्षेत्र तरसे: निवाई, गलवा, लाम्बाहरिसिंह, टोडारायसिंह आदि क्षेत्रों में बारिश के अभाव में लोगों को निराशा हाथ लगी। हालांकि बादलों की आवाजाही यहां भी जारी रही। बारिश नहीं होने से गर्मी व उमस से लोग परेशान रहे।
लक्ष्य के मुकाबले अभी भी कम बुवाई
फसल बुवाई (हैक्टेयर में)
ज्वार 67000
बाजरा 50000
मक्का 8000
मूंग 70000
उड़द 85000
मूंगफली 18000
तिल 18000
सोयाबीन 1000
कपास 1000
ग्वार 3000
