अब नहीं हो पाएगी क्लास बंक, GPS टैग फोटो से चेक होगी अटेंडेंस, उपस्थिति पूरी न हुई तो…


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No More Class Bunking: 1 अप्रैल 2025 से कॉलेजों में 75% उपस्थिति अनिवार्य होगी, जिसे GPS कैमरा से ट्रैक किया जाएगा. शिक्षकों को समर्थ पोर्टल पर जीपीएस टैग फोटो अपलोड करनी होगी. कम उपस्थिति पर स्टूडेंट एग्जाम नह…और पढ़ें

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उत्तराखंड के राजकीय कॉलेजों में GPS टैग फोटो से होगी हाजिरी

हाइलाइट्स

  • 1 अप्रैल 2025 से 75% उपस्थिति अनिवार्य होगी.
  • GPS टैग फोटो से अटेंडेंस ट्रैक होगी.
  • कम उपस्थिति पर परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं.

देहरादून: अगर आप कॉलेज में सिर्फ परीक्षा के समय हाजिर होने वालों में से हैं, तो अब सतर्क हो जाइए. 1 अप्रैल 2025 से बंक मारने का जमाना खत्म होने जा रहा है. सरकार ने छात्रों की गिरती उपस्थिति को लेकर बड़ा कदम उठाया है. अब कक्षाओं में 75% उपस्थिति अनिवार्य होगी और इसे मैनुअल नहीं, बल्कि डिजिटल तरीके से ट्रैक किया जाएगा.

GPS कैमरे से हाजिरी
अब हर शिक्षक को अपने मोबाइल में जीपीएस कैमरा ऐप रखना होगा और कक्षा में मौजूद छात्रों की जीपीएस टैग फोटो लेकर उसे समर्थ पोर्टल पर अपलोड करना होगा. यानी, कोई भी छात्र ‘हाजिरी लगाकर गायब’ होने का बहाना नहीं बना सकेगा.

कैसे लागू होगा डिजिटल हाजिरी सिस्टम?
सरकार ने यह नया सिस्टम राजकीय और निजी विश्वविद्यालयों दोनों में लागू करने का निर्णय लिया है.

  • हर शिक्षक को कक्षा में मौजूद छात्रों की जीपीएस टैग फोटो लेनी होगी.
  • यह फोटो समर्थ पोर्टल के क्लासरूम मॉड्यूल पर अपलोड करनी होगी.
  • पारंपरिक उपस्थिति पंजिका भी अनिवार्य होगी.
  • पोर्टल में किसी भी तकनीकी समस्या के लिए नोडल अधिकारी से संपर्क किया जा सकता है.

कम हाजिरी तो परीक्षा में बैन
उच्च शिक्षा सचिव डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा के मुताबिक, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नियमों के तहत 75% से कम उपस्थिति वाले छात्रों को परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी जाएगी. यह नियम चालू सेमेस्टर से ही लागू होगा और सत्र 2025-26 से पूरी तरह प्रभावी रहेगा.

छात्रों के लिए सख्ती, सुविधाओं पर भी ध्यान
सरकार ने यह भी निर्देश दिए हैं कि उच्च शिक्षण संस्थान छात्रों को बेहतर सुविधाएं दें. इनमें आरामदायक कक्षाएं, उचित फर्नीचर और स्वच्छ शौचालय शामिल हैं, ताकि छात्रों को नियमित रूप से कक्षाओं में उपस्थित होने के लिए प्रेरित किया जा सके.

बंक मारना हुआ नामुमकिन!
अब क्लास बंक करने वालों के लिए समस्या खड़ी हो सकती है. जीपीएस कैमरा और डिजिटल उपस्थिति के इस सिस्टम में छुट्टी मारने के बहाने नहीं चलेंगे. परीक्षा में बैठने के लिए अनिवार्य उपस्थिति की बाध्यता छात्रों को नियमित कक्षाओं में जाने के लिए मजबूर करेगी. अब देखना होगा कि यह नया नियम छात्रों की उपस्थिति को कितना बढ़ा पाता है और शिक्षा प्रणाली में कितना सुधार लाता है.

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अब नहीं हो पाएगी क्लास बंक, GPS टैग फोटो से चेक होगी अटेंडेंस