अब पौड़ी के छात्र सीखेंगे ग्लोबल इकोनॉमी की दूसरी सबसे बड़ी भाषा ‘मैंडरिन’


कमल पिमोली/पौड़ी गढ़वाल. युवाओं को रोजगार से जोड़ने और उनके कौशल विकास को प्राथमिकता देने के लिए पौड़ी गढवाल जिले के जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने एक नई पहल शुरू की है. इस पहल के तहत छात्र और शिक्षक चीनी भाषा, विशेष रूप से मैंडरिन (नाइनीज) को सीखेंगे, जिससे युवा विश्व अर्थव्यवस्था में नए रोजगार के अवसरों को पहचान सकें. मैंडरिन की ग्रोबल प्रभावकारी भाषा होने के कारण, इस पहल का उद्देश्य युवाओं को विश्व स्तर पर रोजगार के नए माध्यमों के साथ जोड़ना है. इस पहल की जिम्मेदारी जिलाधिकारी पौड़ी की ओर से जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) को सौंपी गई है.

विद्यालयों में ग्लोबल इकोनॉमी को दूसरी सबसे बड़ी भाषा, चाइनीज (मैंडरिन), की शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पौड़ी गढवाल जिले में डाइट पौड़ी की ओर से नई पहल शुरू की गई है. इस पहल के तहत, जनपद के 10 इंटर कॉलेजों के कक्षा 11 के 100 छात्रों और 10 शिक्षकों को चीनी भाषा, विशेष रूप से मैंडरिन, की शिक्षा दी जाएगी.

पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर हुआ शुरू
डीएम पौड़ी, डॉ. आशीष चौहान ने बताया कि इस पहल को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया गया है. उन्होंने बताया कि चाइनीज भाषा (मैंडरिन) के ग्लोबल प्रभाव को देखते हुए युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए इस नई पहल की शुरुआत की गई है. कार्यक्रम को दून विश्वविद्यालय के विदेशी भाषा विभाग के सहयोग से संचालित किया जा रहा है. वह इसे और बताते हैं कि अब समय आ गया है कि बच्चों को डॉक्टर या इंजीनियर बनने के अलावा इस व्यवसाय में भी अपना स्थान बनाना चाहिए, क्योंकि भाषा अनुवादकों के लिए रोजगार के कई अवसर हैं.

जिलाधिकारी पौड़ी, डॉ. आशीष चौहान बताते हैं कि वर्तमान में ग्लोबल मार्केट में चाइनीज भाषा का अपना महत्वपूर्ण स्थान है, और इसका अध्ययन करने से छात्र भविष्य में इससे लाभ उठा सकते हैं. वह इसे स्कूलों और महाविद्यालयों में शिक्षा के हिस्से के रूप में शामिल करने की भी योजना बताते हैं, जिससे छात्र स्कूली शिक्षा के साथ-साथ विदेशी भाषा का भी अध्ययन कर सकें.

आखिर चायनिज भाषा सीखना कितना जरूरी
बदलते वक्त के साथ चाईना एक बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में उभर कर सामने आ रहा है. ऐसे में चायनीज भाषा का प्रभाव भी तेजी से बढ़ा है. अंदेशा जताया जा रहा है कि आने वाले समय में चीनी अगली ‘‘दुनिया की भाषा‘‘ बनने के लिए तैयार है. मंदारिन चीन, ताइवान और सिंगापुर की आधिकारिक भाषा है. इसके अलावा मलेशिया, रुनेई, इंडोनेशिया, थाईलैंड, मंगोलिया और फिलीपींस में कई मंदारिन बोलने वाले मिल जाते हैं. मंदारिन विश्व की दूसरी सबसे अधिक बोले जाने वाली भाषा के साथ व्यसायिक रूप से भी काफी महत्वपूर्ण है. फ्रेंच, जर्मन के साथ अब दुनियाभर के लोग मंदारिन भाषा सीखने पर भी जोर दे रहे हैं.

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