अल्मोड़ा में धरने पर ग्रामीण, बोले- ये 3 मांगें पूरी नहीं होंगी तो उग्र आंदोलन
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Public Opinion: धरने पर बैठे अल्मोड़ा निवासी विनोद तिवारी ने लोकल 18 से बातचीत में कहा कि वे लोग 12 दिनों से धरने पर हैं लेकिन अभी तक जिला प्रशासन का कोई भी अधिकारी धरनास्थल पर नहीं आया है.
तीन मांगों को लेकर धरने पर बैठे ग्रामीण.
अल्मोड़ा. उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले में तीन सूत्रीय मांगों को लेकर नगर के चौघानपाटा स्थित गांधी पार्क में राष्ट्र नीति संगठन के बैनर तले ग्रामीण अनिश्चितकालीन धरने पर हैं. लोग लगातार इस धरने से जुड़ रहे हैं. कांग्रेस, उत्तराखंड क्रांति दल और उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के पदाधिकारी धरने का समर्थन कर रहे हैं. जिन तीन मांगों को लेकर यह धरना दिया जा रहा है, उनमें पहली है- उत्तराखंड के पहाड़ी जिलों को अनुसूचित जनजाति क्षेत्र घोषित करना, दूसरी है- ग्राम पंचायत खूंट धामस सेनार रौन डाल चाण में कोसी नदी पर पुल बनाना और सड़क पर डामरीकरण करना और तीसरी मांग है- खूंट के राजकीय इंटर कॉलेज में पानी व्यवस्था करना.
अल्मोड़ा निवासी विनोद तिवारी ने लोकल 18 से कहा कि वे लोग 12 दिनों से धरने पर बैठे हैं, पर अभी तक जिला प्रशासन का कोई भी अधिकारी धरनास्थल पर नहीं आया है. धरनास्थल पर करीब 1000 लोगों के हस्ताक्षर कराए गए, जोकि प्रधानमंत्री को भेजे गए हैं और मुख्यमंत्री को ज्ञापन भी भिजवाया है. उनसे इस मामले को लेकर मुलाकात करने के लिए भी कहा गया है. सरकार इसका तुरंत संज्ञान ले. धरनास्थल पर सभी दल आकर मजबूती प्रदान कर रहे हैं. वे आम जनता की लड़ाई लड़ रहे हैं. अभी तो यह धरना अनिश्चितकालीन चल रहा है, अगर मांग पूरी नहीं होती है, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा.
धीमी गति से हो रहा क्षेत्र का विकास
पूर्व प्रधान नंदन सिंह बिष्ट ने कहा कि वह 12 दिन से लगातार धरनास्थल पर आ रहे हैं. क्षेत्र का विकास बहुत ही धीमी गति से चल रहा है. तीन मांगों को लेकर धरना दिया जा रहा है. उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की है कि वो इन बिंदुओं पर ध्यान दें ताकि जनता को सुविधा मिल सके. धरनास्थल पर कोई भी सरकार का प्रतिनिधि या फिर जिला प्रशासन का अधिकारी नहीं आया है, जो उनकी खामियों को उजागर करने का काम करता है.
भारत रत्न पंडित गोविंद बल्लभ पंत की जन्म और कर्मभूमि
अल्मोड़ा निवासी दीपक ने कहा कि तीन सूत्रीय मांगों को लेकर वे लोग धरने पर बैठे हुए हैं. कोसी क्षेत्र में पुल का निर्माण हो, भारत रत्न पंडित गोविंद बल्लभ पंत की जन्मभूमि और कर्मभूमि में विकास कार्य नहीं हो पा रहे हैं, इसके लिए वे धरना दे रहे हैं. दरअसल खूंट उनकी जन्मभूमि रही है और उनके गृहक्षेत्र में न ही डामरीकरण हो पाया है और स्कूल में पानी की व्यवस्था भी ठीक नहीं होने से छात्रों को काफी दिक्कतें होती हैं. सरकार और जिला प्रशासन को उनकी मांगों पर जल्द से जल्द ध्यान देना चाहिए. अल्मोड़ा निवासी गोविंद प्रसाद ने कहा कि वह 12 दिन से धरनास्थल पर आ रहे हैं. वर्तमान में तो अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन किया जा रहा है. अगर उनकी मांग पूरी नहीं होती है, तो इसके बाद वे बड़ा आंदोलन करेंगे, जिससे सरकार और प्रशासन को जगाने का काम किया जाएगा. प्रदर्शनकारियों को अल्मोड़ा की जनता और अन्य राजनीतिक संगठनों का साथ मिल रहा है.