गरीब बच्चों की पढ़ाई पर खर्च कर रहे पेंशन, इलाज में भी मदद को हरदम तैयार पीबी डोभाल
कमल पिमोली/ श्रीनगर गढ़वाल. अक्सर रिटायरमेंट के बाद व्यक्ति आरामदायक जिंदगी जीता है. रिटायरमेंट से मिले पैसों को खुद पर या परिवार के लिए खर्च करता है, लेकिन उत्तराखंड के श्रीनगर गढ़वाल में एक ऐसे व्यक्ति भी हैं, जो सेवानिवृत्त होने के बाद समाज सेवा में जुटे हुए हैं. उनका उद्देश्य समाज के शोषित और वंचित वर्ग के उन बच्चों को शिक्षा दिलाना है, जो पढ़ना तो चाहते हैं लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर होने के चलते पढ़ नहीं पाते हैं. ऐसे बच्चों को पी.बी. डोभाल अपने खर्चे पर शिक्षित कर रहे हैं. उन्होंने स्वर्गीय चंद्रशेखर डोभाल शास्त्री मेमोरियल धर्मार्थट्रस्ट बनाया है. उन्होंने कहा कि उनके पिता की मृत्यु के बाद उन्होंने जीवन में कई उतार-चढ़ाव देखे. पढ़ने के लिए उनके पास धन की कमी रहती थी. मजदूरी कर उच्च शिक्षा हासिल की और फिर नौकरी पर लगे. उनका शुरू से ही मन था कि जब वह आर्थिक रूप से सक्षम हो जाएंगे, तो समाज हित में शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में कार्य करेंगे.
पी.बी. डोभाल आगे कहते हैं कि वह केवल शिक्षा के लिए ही नहीं बल्कि इलाज के लिए भी लोगों की मदद करते हैं. जरूरतमंद लोगों का उपचार कराने से लेकर दवाइयों का खर्च उठाते हैं. वह अपनी पेंशन से प्रतिमाह 10 हजार रुपये समाज हित में खर्च करते हैं. इसमें बच्चों की फीस देना और निर्धन लोगों का इलाज करना शामिल है.
फीस से लेकर किताब-ड्रेस की जिम्मेदारी
उन्होंने कहा कि जब वह सेवानिवृत्त हुए, तो उस दौरान उन्होंने 6 लाख रुपये की एफडी ट्रस्ट के नाम पर कराई थी. इससे मिलने वाले ब्याज को भी वह लोगों की मदद के लिए खर्च करते हैं. आने वाले समय में इस एफडी को 10 लाख रुपये तक करने की उनकी योजना है. वह कहते हैं कि स्कूलों में कई छात्र ऐसे हैं, जिनकी फीस देने से लेकर किताबें व ड्रेस आदि की जिम्मेदारी भी उनकी है. वह और जरूरतमंदों की मदद करने की कोशिश भी करते रहते हैं.
मदद के लिए कार्यालय में दें प्रार्थना पत्र
डोभाल कहते हैं कि ऐसा कोई जो वाकई पढ़ने का इच्छुक है या जरूरतमंद है, तो वह उसकी मदद जरूर करेंगे. इसके लिए स्व. चंद्रशेखर डोभाल शास्त्री मेमोरियल धर्मार्थ ट्रस्ट कार्यालय श्रीनगर गढ़वाल में पहुंच एक प्रार्थना पत्र देना होगा. जिसके बाद वह उक्त जरूरतमंद की मदद करेंगे. वह सीधे तौर पर पैसे किसी को नहीं देते हैं. अगर कोई निर्धन छात्र है, तो ट्रस्ट द्वारा खुद उनकी फीस जमा की जाती है और अन्य जरूरत के संसाधन उपलब्ध कराए जाते हैं.
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FIRST PUBLISHED : January 26, 2024, 18:16 IST