रामप्पा मंदिर का निर्माण 13वीं शताब्दी में किया गया था.
नई दिल्ली:
तेलंगाना के वारंगल के पालमपेट में स्थित रामप्पा मंदिर को यूनेस्को के विश्व धरोहर स्थल के तौर पर मान्यता दी है. यह जानकारी संस्कृति मंत्रालय ने रविवार को दी. केंद्रीय संस्कृति मंत्री जी किशन रेड्डी ने ट्वीट किया, ‘मुझे यह बताते हुए बहुत खुशी हो रही है कि यूनेस्को ने तेलंगाना के वारंगल के पालमपेट में स्थित रामप्पा मंदिर को विश्व धरोहर स्थल के तौर पर मान्यता दी है.’ उन्होंने कहा, ‘राष्ट्र, खासकर, तेलंगाना के लोगों की ओर से, मैं माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उनके मार्गदर्शन और समर्थन के लिए आभार व्यक्त करता हूं.’
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रामप्पा मंदिर का निर्माण 13वीं शताब्दी में किया गया था और इसका नाम इसके शिल्पकार रामप्पा के नाम पर रखा गया है. सरकार ने 2019 के लिए यूनेस्को को इसे विश्व धरोहर स्थल के तौर पर मान्यता देने का प्रस्ताव दिया था.
Excellent! Congratulations to everyone, specially the people of Telangana.
The iconic Ramappa Temple showcases the outstanding craftsmanship of great Kakatiya dynasty. I would urge you all to visit this majestic Temple complex and get a first-hand experience of it’s grandness. https://t.co/muNhX49l9Jpic.twitter.com/XMrAWJJao2
— Narendra Modi (@narendramodi) July 25, 2021
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तेलंगाना के मशहूर काकतीय रुद्रेश्वर मंदिर को यूनेस्को के विश्व धरोहर स्थलों की सूची में शामिल किए जाने पर राज्य की जनता को रविवार को बधाई दी और देशवासियों से निजी अनुभव के लिए वहां का दौरा करने का आग्रह किया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया, “शानदार! सभी को बधाई, खासकर तेलंगाना की जनता को. प्रतिष्ठित रामप्पा मंदिर महान काकतिया वंश के उत्कृष्ट शिल्प कौशल को प्रदर्शित करता है. मैं आप सभी से इस शानदार मंदिर के परिसर में जाने और इसकी भव्यता का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त करने का आग्रह करता हूं.”
बता दें, यूनेस्को ने आज रामप्पा मंदिर को यूनेस्को के विश्व धरोहर स्थलों की सूची में शामिल करने की घोषणा की. प्रधानमंत्री ने इस संबंध में यूनेस्को की ओर से किए गए ट्वीट को भी साझा किया.
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)