देहरादून का सबसे सस्ता और सुरक्षित हॉस्टल, यहां लाइब्रेरी और जिम भी


हिना आज़मी/ देहरादून. उत्तराखंड की राजधानी देहरादून को एजुकेशन हब कहा जाता है क्योंकि न सिर्फ राज्य के लगभग सभी जिलों से बल्कि अन्य राज्यों से भी लोग पढ़ाई करने के लिए यहां आते हैं. वहीं राजधानी में रहकर नौकरी करने वालों की संख्या भी कुछ कम नहीं है. पढ़ाई या नौकरी करने वाली लड़कियां/महिलाएं अगरदेहरादून (Girls Hostel in Dehradun) में अच्छा हॉस्टल चाहती हैं, तो तीलू रौतेली छात्रावास बेहद ही किफायती है क्योंकि यहां रहने-खाने के लिए सिर्फ 7100 रुपये प्रति माह देने होते हैं. इसमें आपको ब्रेकफास्ट, लंच और डिनर मिलता है. जो लड़कियां आर्थिक रूप से कमजोर हैं, उनके लिए यहां निःशुल्क रहने की सुविधा है. उन्हें अपने खाने का खर्च यानी 3500 रुपये ही देने पड़ते हैं.

देहरादून में ईसी रोड पर स्थित तीलू रौतेली हॉस्टल की एचओडी रिद्धि भारद्वाज ने ‘लोकल 18’ को बताया कि इस हॉस्टल को छात्राओं और कामकाजी महिलाओं के लिए महिला सशक्तिकरण एवं बाल विभाग द्वारा शुरू किया गया था, जिसका संचालन प्लैटिनम व्यू होम सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी कर रही है. हॉस्टल की क्षमता 205 लोगों की है और वर्तमान में 204 महिलाएं यहां रह रही हैं, जिनमें स्टूडेंट्स भी हैं जो देहरादून में रहकर या तो पढ़ाई या कोचिंग कर रही हैं. उन्होंने बताया कि उनके यहां उत्तराखंड के पर्वतीय इलाकों के साथ-साथ पंजाब, राजस्थान जैसे राज्यों से भी स्टूडेंट्स रह रही हैं. हॉस्टल की तरफ से सिर्फ 7100 प्रति माह लिया जाता है, जिसमें नाश्ता और दो वक्त का खाना, शाम को चाय आदि दी जाती है. उन्होंने बताया कि एक रूम में दो लड़कियां रहती हैं. यहां लाइब्रेरी की सुविधा भी है और इसके अलावा अगर किसी को जिम या वर्कआउट करना है, तो बाहर जाने की जरूरत नहीं है क्योंकि यहां जिम एरिया भी है.

अर्थिक रूप से कमजोर को निःशुल्क हॉस्टल सुविधा

रिद्धि भारद्वाज ने बताया कि कई स्टूडेंट्स और महिलाएं आर्थिक रूप से कमजोर होती हैं, तो उनसे हॉस्टल में रहने का चार्ज नहीं लिया जाता है बल्कि उन्हें सिर्फ अपने खाने का खर्च देना होता है. वर्तमान में ऐसी करीब 55 महिलाएं और स्टूडेंट्स रह रही हैं, जिनसे सिर्फ 3500 रुपये ही लिए जाते हैं. उन्होंने बताया कि कुछ सिंगल वुमेन जिनका तलाक हो गया हैं, वे भी यहां रह रही हैं और नौकरी कर जीवनयापन कर रही हैं.

महिलाओं की सुरक्षा के लिए तैनात लेडी गार्ड

रिद्धि बताती हैं कि हॉस्टल में महिलाओं की सुरक्षा के लिए महिला गार्ड तैनात रहती हैं. बाहरी व्यक्ति की एंट्री बिना सत्यापन के नहीं होती है. इसके अलावा रात को 8 से 9 बजे के बाद गेट बंद कर दिया जाता है. कहीं स्कूल-कॉलेज की ओर से जाना होता है, तो संस्थाओं द्वारा लेटर प्राप्त किया जाता है, तब परमिशन दी जाती है. अगर आप भी देहरादून के इस हॉस्टल में रहना चाहती हैं, तो आप घर बैठे कंपनी की official website https://www.platinumsolutions.in/ पर जाकर रजिस्ट्रेशन कर सकती हैं.

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