हिना आज़मी/ देहरादून: एक कलाकार अपनी कला के जरिए सब कुछ उकेर कर रख देता है. उसकी कला में लोगों की भावनाएं होती हैं, कला में बिना कुछ बोले उस कला के समय, परिस्थिति और काल को महसूस किया जा सकता है. इसीलिए कहा जाता है कि एक चित्र एक हजार अक्षरों के बारबर होता है. हालांकि, कई पुरानी कलाएं धीरे-धीरे विलुप्त होती जा रही है, लेकिन कुछ ऐसे लोग हैं जो अपने प्रयास से लोगों को पुरानी कला से जोड़ने में लगे हैं. ऐसी ही एक पुरानी कला की विधा है देवनागरी कैलीग्राफी. उत्तराखंड के युवा अभिषेक यादव इस विधा को लोगों से जोड़ने का काम कर रहें हैं.
क्या है कैलीग्राफी?
कैलीग्राफी एक विजुअल आर्ट है या राइटिंग स्टाइल है जिसके जरिए अक्षरों और शब्दों को अलग-अलग तरीके से ऐसे लिखा जाता है, जिससे वे खूबसूरत दिखाई दें. इसके जरिए वर्ड्स को एक्सपोज किया जाता है. आज क्लासिक और मॉडर्न दोनों तरीके की कैलीग्राफी है, लेकिन प्राचीन भारत में संस्कृत को लिखने के लिए देवनागरी कैलीग्राफी हुआ करती थी. इसी कैलीग्राफी को अभिषेक यादव लोगों तक पहुंचा रहे हैं.
लोकल 18 ने अभिषेक यादव से बात की उन्होंने बताया कि उन्हें बचपन से ही आर्ट्स का बहुत शौक था. उन्होंने स्कूल से ही देवनागरी कैलीग्राफी पर काम करना शुरू कर दिया था. उन्होंने कहा कि हमारे वेद- पुराण भी संस्कृत – देवनागरी कैलीग्राफी में लिखे गए हैं जिन्हें देखकर उनका रुझान इस तरफ हुआ उन्होंने इस पर काम शुरू कर दिया.
तुंगनाथ से लेकर मुंबई तक में पहुँचे अभिषेक
कैलिग्राफर और आर्टिस्ट अभिषेक यादव ने बताया कि उन्होंने हाल ही में दुनिया के सबसे ऊंचे भोलेनाथ के मंदिर ‘तुंगनाथ’ में करीब डेढ़ घण्टे नॉन स्टॉप कैलीग्राफी करने का रिकॉर्ड बनाया है. उन्होंने बताया कि सभी लोग उन्हें हैरानी से देख रहे थे और पूरी तस्वीर बनने का इंतजार कर रहे थे. दर्शकों से उन्हें और हौसला मिल रहा था. कैलीग्राफी पेंटिंग पूरी होने के बाद सभी लोग उनके और उनकी पेंटिंग के साथ फोटो क्लिक करवाने आ रहे थे जो उन्हें बहुत अच्छा लग रहा था. इससे पहले भी अभिषेक मुंबई में अपनी कैलीग्राफी आर्ट्स से लोगों का दिल जीत चुके हैं.
कैलीग्राफी में ही लिखा गया था हमारा संविधान
भारत के आजाद होने के बाद यह बात रखी गई कि संविधान को प्रिंट न करके उसे हस्तलिखित रूप में तैयार किया जाए. इसकी जिम्मेदारी प्रेम बिहारी नारायण रायजादा को दी गई. इनका परिवार कैलीग्राफी के लिए मशहूर था. उन्होंने इतनी खूबसूरती से कैलीग्राफी कर संविधान लिखा जिसे आज भी देखकर लोग हैरान होते हैं कि यह किसी शख्स के द्वारा हाथ से कैसे लिखा जा सकता है.
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FIRST PUBLISHED : May 21, 2024, 12:00 IST
