शुरू हो गया उत्तराखंड के स्कूलों में नया सत्र.. नहीं पहुंची किताबें! कैसे होगी पढ़ाई?
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Uttarakhand Education Department : उत्तराखंड के सरकारी स्कूलों में नया शिक्षा सत्र 2025-26 भी शुरू हो गया है. नियमानुसार एक अप्रैल शुरू होने से पहले सभी छात्र-छात्राओं तक मुफ्त पाठ्य पुस्तकें पहुंच जानी चाहिए,…और पढ़ें
नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत हो गई है बच्चों को अब तक किताबें नहीं मिल पाई है
हाइलाइट्स
- उत्तराखंड में नया शिक्षा सत्र शुरू, किताबें नहीं पहुंची.
- छात्र-छात्राओं को पुरानी किताबों से पढ़ाई करनी पड़ रही है.
- शिक्षा विभाग ने जल्द किताबें पहुंचाने का आश्वासन दिया.
देहरादून : उत्तराखंड में 1 अप्रैल से शैक्षणिक सत्र 2025-26 शुरू हो गया है. लेकिन सरकारी स्कूलों के छात्र-छात्राओं को अभी तक निशुल्क किताबें नहीं मिली हैं, जिससे उन्हें बिना किताबों के ही पढ़ाई करनी पड़ रही है. राज्य में 10 वीं और 12 वीं कक्षा का रिजल्ट भी अभी जारी नहीं हुआ है. अन्य कक्षाओं के छात्र भी पुरानी किताबों से ही पढ़ाई कर रहे हैं. उत्तराखंड शिक्षा विभाग ने जल्द से जल्द किताबें पहुंचाने की पूरी तैयारी कर ली है.
उत्तराखंड की शिक्षा महानिदेशक झरना कमठान ने बताया कि नया सत्र शुरू हो गया है और विभाग पूरी कोशिश कर रहा है कि जल्द से जल्द छात्र-छात्राओं तक किताबें पहुंचाई जा सकें. निशुल्क पाठ्यक्रम के तहत बच्चों को किताबें पहुंचाने के लिए टेंडर की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और संबंधित लोगों को वर्क ऑर्डर भी जारी कर दिया गया है. एमओयू भी साइन हो चुका है. झरना कमठान ने बताया कि किताबें जल्द ही विभाग को मिल जाएंगी. थोड़ी देरी इसलिए हुई क्योंकि बीच में राज्य में नगर निकाय चुनाव हुए थे और आचार संहिता लागू थी. उन्होंने आश्वासन दिया कि इस महीने में राज्य के सभी स्कूलों तक किताबें पहुंचा दी जाएंगी.
समय पर जारी होगा बोर्ड का रिजल्ट
झरना कमठान ने बताया कि उत्तराखंड में जिन बच्चों ने 10 वीं और 12 वीं की बोर्ड की परीक्षा दी है, उनके रिजल्ट को समय पर जारी करने के लिए भी काम किया जा रहा है ताकि वे आगे की पढ़ाई कर सकें. इस साल विभागीय बजट का अच्छा उपयोग हुआ है। समग्र शिक्षा अभियान के तहत राज्य के प्री-स्कूल से लेकर कक्षा 12वीं तक के लिए शिक्षा के बेहतर साधन उपलब्ध कराना हमारा उद्देश्य है.
144 करोड़ से बदलेगी बच्चों की सूरत
केंद्र सरकार की ओर से इस योजना के तहत स्कूली बच्चों के लिए बजट मिलता है और इस साल हमें चौथी किस्त मिल गई है, जबकि पिछले कुछ सालों में सिर्फ तीसरी किस्त ही मिलती थी. इस साल 144 करोड़ रुपये इस सत्र के लिए केंद्र सरकार से मिले हैं. उन्होंने कहा कि इससे राज्य के हर जिले के स्कूली बच्चों के भविष्य को संवारने में बहुत मदद मिलेगी.