हल्द्वानी में भड़की हिंसा के बाद लगा कर्फ्यू, क्या है यह पाबंदी, इसमें क्या होता है और क्या नहीं?


नई दिल्ली: उत्तराखंड के हल्द्वानी में अवैध मस्जिद-मदरसे पर बुलडोजर एक्शन का ऐसा रिएक्शन हुआ कि पूरा शहर हिंसा की आग में जल रहा है. उत्तराखंड के नैनीताल जिले के हल्द्वानी के बनभूलपुरा क्षेत्र में गुरुवार को नगर निगम ने ‘अवैध’ रूप से बने मदरसा एवं मस्जिद को जेसीबी मशीन से ध्वस्त कर दिया, जिसके बाद पूरे इलाके में हिंसक हिंसक पैदा हो गई. मस्जिद पर नगर निगम के बुलडोजर एक्शन से नाराज भीड़ ने जमकर उत्पात मचाया और पुलिसवालों पर हमला कर दिया. इस बेहद तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए कर्फ्यू लगा दिया गया और दंगाइयों को देखते ही गोली मारने के आदेश दिए गए. इतना ही नहीं, स्कूल भी बंद हैं. अब पूरे शहर में कर्फ्यू है और लोगों को केवल जरूरी कार्यों से ही बाहर निकलने की इजाजत दी गई है. पूरा शहर छावनी में तब्दील हो चुका है. तो चलिए जानते हैं कि आखिर कर्फ्यू क्या होता है और इसमें क्या-क्या होता है.

कर्फ्यू क्या होता है
जब पुलिस-प्रशासन की ओर से बेहत संवेदनशील मामलों में ही कर्फ्यू वाला एक्शन होता है. सीधे शब्दों में कहें तो आमतौर पर कर्फ्यू बेहद गंभीर स्थिति में लगाया जाता है. कर्फ्यू के दौरान लोगों को अपने घरों से बाहर जाने की इजाजत नहीं होती. कर्फ्यू के दौरान स्कूल, कॉलेज, बाजार सब बंद रहते हैं. कर्फ्यू में छूट बहुत कम देर के लिए दी जाती है, इसलिए कर्फ्यू के दौरान सिर्फ वही सेवा चालू रहती है, जो बेहद जरूरी हों. कर्फ्यू के तहत लोगों को हिदायत दी जाती है कि वे अपने घरों से बाहर सड़कों पर न निकलें.

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नियम उल्लंघन करने पर क्या होता
जब कर्फ्यू लगाया जाता है तो आम लोगों की जिंदगी आम नहीं रह जाती. कर्फ्यू का उल्लंघन करने वाले की गिरफ्तारी हो सकती है और जुर्माना भी लगाया जा सकता है. कर्फ्यू के दौरान बाजार और बैंक जैसी सेवा पर ताला लटका रहता है. जब कर्फ्यू में ढील दी जाती है तभी घरों में बंद लोग बाहर निकल सकते हैं फिर वे इन सेवा का लाभ उठा सकते हैं. कर्फ्यू कुछ दिनों या घंटों के लिए किसी विशेष क्षेत्र में लगाया जाता है.

कर्फ्यू में क्या होता है
कर्फ्यू में सभी आवश्यक सेवाएं और बाजार एक अवधि के लिए बंद रहते हैं. यह लॉकडाउन से भी सख्त होता है. . कर्फ्यू के दौरान, बाजार, स्कूल, कॉलेज और बैंक जैसी आवश्यक सेवाएं बंद रहती हैं, जब कर्फ्यू में ढील दी जाती है तो लोगों को इन सभी सेवाओं का लाभ मिलता है. हल्द्वानी से पहले देश के कुछ हिस्‍सों में कर्फ्यू कई बार लगाया जा चुका है. देश के अलग-अलग इलाकों में कर्फ्यू किसी सांप्रदायिक दंगे, तनाव, आतंकी घटना आदि के माहौल में लगाया जाता है.

हल्द्वानी में क्या हुआ था
दरअसल, हल्द्वानी के बनभूलपुरा के इंदिरा नगर क्षेत्र में मलिक के बगीचे में बने अवैध मदरसे एवं मस्जिद को नगर निगम की टीम ने जेसीबी मशीन लगाकर ध्वस्त कर दिया. जानकारी के अनुसार, इस दौरान मौके पर नगर आयुक्त पंकज उपाध्याय, सिटी मजिस्ट्रेट ऋचा सिंह, उप जिलाधिकारी परितोष वर्मा समेत वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे. जैसे ही कार्रवाई शुरू हुई, बड़ी संख्या में महिलाओं सहित गुस्साए स्थानीय निवासी कार्रवाई का विरोध करने के लिए सड़कों पर उतर आए. उन्हें बैरिकेड तोड़ते और विध्वंस की कार्रवाई में लगे पुलिसकर्मियों के साथ बहस करते देखा गया. अधिकारियों ने बताया कि जैसे ही एक बुलडोजर ने मदरसे और मस्जिद को ढहाया, भीड़ ने पुलिसकर्मियों, नगर निगम कर्मियों और पत्रकारों पर पथराव किया, जिसमें 60 से अधिक लोग घायल हो गए. अराजक तत्वों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और फिर हल्का बल प्रयोग किया. अधिकारियों ने बताया कि हालांकि, भीड़ द्वारा पुलिस गश्ती कार सहित कई वाहनों को आग लगाने से तनाव बढ़ गया.

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