18 सालों से सड़क बनने का इंतजार… अब बर्दाश्त से बाहर; ग्रामीणों ने दी बड़े आंदोलन की चेतावनी


हिमांशु जोशी /पिथौरागढ़: आज भी उत्तराखंड के कई गांव ऐसे हैं, जो मूलभूत सुविधाओं से कोसों दूर है. वजह यहां का पलायन है. आज भी ग्रामीण अपने गांव में सुविधाओं के विस्तार के लिए आंदोलन ही कर रहे हैं. जिला मुख्यालय से मात्र 30 किलोमीटर दूर के गांवों का भी यही हाल है, जहां के ग्रामीण लंबे समय से सड़क की मांग कर रहे हैं. अब उन्हें अपनी मांग के लिए आंदोलन का सहारा लेना पड़ रहा है.

जिला मुख्यालय से 30 किलोमीटर दूर धारी, क्वारबन, बेलतड़ी गांव को जोड़ने वाली सड़क का काम आज से 18 साल पहले शुरू हुआ था. लेकिन, सड़क कटिंग के बाद इसे ऐसे ही छोड़ दिया गया. इस कच्ची सड़क पर यातायात संभव न हो पाने के कारण यहां के ग्रामीणों को हर रोज दिक्कतों का सामना करना पड़ता, जिसके बाद सभी गांव वालों ने एक उग्र आंदोलन कर चुनाव बहिष्कार की घोषणा की. सड़क जल्द बनने के आश्वासन के बाद ही ग्रामीण माने.

सड़क निर्माण को लेकर ग्रामीणों की चेतावनी
स्थानीय लोगों के अनुसार प्रशासन ने सड़क पूरी करने का काम जल्द शुरू करने की बात कही थी. लेकिन, अब तक कोई भी काम शुरू नहीं हुआ है. ऐसे में अब बरसात में दिक्कतें और भी बढ़ गई हैं. सभी ग्रामीणों ने जल्द रोड का काम शुरू न होने पर फिर से उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है.

3000 से ज्यादा की आबादी प्रभावित
धारी – क्वारबन- बेलतड़ी सड़क पर 12 गांव निर्भर हैं. साथ ही यहां 3000 से ज्यादा की आबादी रहती है. सड़क न होने से यहां के बच्चों को स्कूल, बीमारों को अस्पताल और गर्भवती महिलाओं को अस्पताल पहुंचने में काफी समय लग जाता है.

2006 में शुरू हुआ था काम
लोनिवि ने वर्ष 2006-07 में तीनों गांवों को जोड़ने के लिए सड़क का कार्य शुरू किया था. आठ किमी प्रस्तावित मोटर मार्ग में चार किमी लोनिवि और इतना ही पीएमजीएसवाई की ओर से कार्य किया जाना था. लेकिन 2006 में काम शुरू करने के बाद अभी तक सड़क अधूरी ही है.

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