3 से 4 साल के बच्चे में पेरेंट्स ऐसे भर सकते हैं आत्मविश्वास, नहीं होगा उनमें हेजिटेशन
1- आत्म-सम्मान यह है कि हम खुद को बिना शर्त कैसे स्वीकार करते हैं और महत्व देते हैं. स्वस्थ आत्मसम्मान वाला व्यक्ति स्वयं को वैसे ही स्वीकार करता है, जैसे वह है. वह आत्मविश्वासी है, जीवन के प्रति उसका दृष्टिकोण सकारात्मक है और वह जीवन की अधिकांश चुनौतियों से पार पाने में सक्षम है.
2- हेल्दी आत्म-सम्मान बचपन से ही विकसित किया जाना चाहिए क्योंकि, इससे आपके बच्चों को अपनी ताकत और क्षमताओं को पहचानने में मदद मिलेगी, छोटी उम्र से ही जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाएंगे और बड़े होने पर उनके रास्ते में आने वाली चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार होंगे.
3- अपने बच्चों के लिए समय निकालने से आपके बच्चों को लगेगा कि वे आपके लिए महत्वपूर्ण हैं. मौज-मस्ती करें और साथ में मूवी देखने या बॉल गेम खेलने जैसी गतिविधियां करें, जिनमें उन्हें रूचि हो.
4- अपने बच्चों पर पूरा ध्यान दें और उनकी बात सुनें. उनसे दोस्तों, शिक्षकों और स्कूल में की जाने वाली गतिविधियों के बारे में पूछें. जहां उचित हो उन्हें सलाह या सहायता प्रदान करें.
5- जब भी बच्चों ने कोई अच्छा काम किया हो तो उनकी प्रशंसा करें, चाहे वह कितना भी छोटा क्यों न हो. उदाहरण के लिए, “आपने अपनी किताबें ठीक से रखी हैं.” इससे उनमें सकारात्मक व्यवहार को सुदृढ़ करने और उनके आत्म-सम्मान का निर्माण करने में मदद मिलेगी.
6- तुलना करने से बचें और जब आपके बच्चे अच्छा प्रदर्शन नहीं करते हैं, तो उन्हें असफल होने का एहसास न कराएं. जब उन्हें स्कूल में अच्छे ग्रेड नहीं मिलते. इसके बजाय, अपने बच्चों को प्रोत्साहित करें और उनके प्रयासों के लिए उनकी प्रशंसा करें. स्टेप बाई स्टेप उनके प्रदर्शन को कैसे बेहतर बनाया जाए, इस पर चर्चा करें.
अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.
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