CBI के कुछ अधिकारियों की TMC के साथ ‘सांठगांठ’ थी, इसलिए ED को बंगाल भेजा: दिलीप घोष
उन्होंने दावा किया, “पश्चिम बंगाल में सीबीआई अधिकारियों के एक वर्ग और टीएमसी के बीच सांठगांठ रहने के चलते एजेंसी की जांच में कोई नतीजा नहीं निकला. जांच महीनों तक खींची गई.”
उन्होंने कहा कि यही कारण है कि सीबीआई के कुछ अधिकारियों को बंगाल से बाहर भेज दिया गया.
लोकसभा सदस्य घोष ने कहा, ‘‘फिर ईडी ने वित्त मंत्रालय के निर्देश पर काम करना शुरू किया. दवा की खुराक बढ़ा दी गई. ईडी को पालतू स्वान की तरह काबू नहीं किया जा सकता.”
उन्होंने ईडी के आने के बाद कद्दावर लोगों की गिरफ्तारी के साथ जांच के गति पकड़ने का जिक्र करते हुए दावा किया कि ममता बनर्जी की उल्टी गिनती शुरू हो गई है.
घोष ने कहा, ‘‘ईडी दोषियों के खिलाफ कार्रवाई जारी रखेगी. उसे पालतू स्वान की तरह वश में नहीं रखा जा सकता, जो खुद को नियंत्रित करने की कोशिश करने वालों के प्रति अपनी आंखें मूंद लेता है.” उन्होंने संस्कृति मंत्रालय द्वारा आयोजित ‘हॉरर्स ऑफ पार्टिशन’ सेमिनार में यह कहा.
वहीं, तृणमूल कांग्रेस ने कहा कि अपनी टिप्पणियों से घोष केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को कमतर कर रहे हैं, जिनके तहत सीबीआई काम करती है. टीएमसी के महासचिव कुणाल घोष ने आरोप लगाया कि केंद्र की भाजपा सरकार सीबीआई और ईडी का अपने विरोधियों के खिलाफ राजनीतिक इस्तेमाल कर रही है.
उल्लेखनीय है कि ईडी ने स्कूल भर्ती घोटाले में बंगाल के पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी को, जबकि सीबीआई ने मवेशी तस्करी मामले में टीएमसी की बीरभूम जिला इकाई के अध्यक्ष अनुब्रत मंडल को गिरफ्तार किया है.
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