ITI करने में छात्रों की रुचि हुई कम, उत्तराखंड में 52 कॉलेज पर लटके ताले
पवन सिंह कुंवर/हल्द्वानी. ITI करने में छात्रों की रुचि अब लगातार कम दिख रही है. उत्तराखंड के आईटीआई कॉलेज में छात्रों की संख्या का ग्राफ लगातार गिरता जा रहा है. जिस वजह से उत्तराखंड के 52 आईटीआई कॉलेज में ताले लटके हुए हैं, प्रदेश के युवाओं को कौशल बनाने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार लगातार औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था यानी ITI कॉलेज खोल युवाओं को कौशल बनाने की कोशिश कर रही है. लेकिन सिस्टम की बेरुखी और संसाधनों के अभाव के चलते प्रदेश में संचालित 52 आईटीआई कॉलेज में ताले लटक चुके हैं.
प्रदेश के सभी युवा आईटीआई करने में अपनी रुचि नहीं दिखा रहे हैं जिस कारण 52 आईटीआई कॉलेज में ताला लटक गया. आपको बता दें कि प्रदेश में कुल 153 आईटीआई कॉलेज संचालित किए जा रहे हैं. अब केवल केंद्र से मान्यता प्राप्त मात्र 91 कॉलेज ही संचालित हो रहे हैं. जबकि राज्य सरकार के संचालित 62 आईटीआई कॉलेज में 48 बंद हो चुके हैं. ऐसे में अब बंद आईटीआई का सामान दूसरे कॉलेजों में शिफ्ट किए जाने लगे है. निदेशक कौशल विकास संजय कुमार खेतवाल ने बताया कि प्रदेश में दो माध्यमों में आईटीआई संचालित होते हैं इसने केंद्र से मान्यता प्राप्त एनसीवीटी और राज्य सरकार द्वारा एससीवीटी मोड में कॉलेज संचालित होते हैं. उत्तराखंड में कुल 153 आईटीआई है जिनमें 91को केंद्र की मान्यता है. 62 को राज्य सरकार अपने स्तर पर चलाती है लेकिन भवन, वर्कशॉप, उपकरण, फैकल्टी समेत अन्य सुविधाएं नहीं होने की वजह से ये आईटीआई बंदी की कगार पर पहुंच गए. संसाधन और उचित ट्रेड न होने से इनमें विद्यार्थियों की संख्या घटती गई है.
एक केंद्र और 48 राज्य मान्यता प्राप्त कॉलेज बंद
ऐसे में राज्य सरकार की मान्यता वाले 48 संस्थान जबकि केंद्र सरकार से मान्यता वाले चार संचालन आईटीआई कुछ साल में बंद हो गए. प्रदेश में आईटीआई कॉलेज में छात्र संख्या लगातार गिर रही है सबसे बुरा हाल पहाड़ के दूरस्थ क्षेत्रों का है जहां आईटीआई कॉलेज के पास ना भवन है, ना उपकरण और ना ही शिक्षक है. ऐसे में छात्रों का आईटीआई से भी मोहभंग हो रहा है. बताया जा रहा है कि राजनीतिक दबाव के चलते आईटीआई कॉलेज की संख्या जरूरत से ज्यादा हो गई है. बहुत से आईटीआई कॉलेज के अपने भी भवन है, लेकिन वहां पर संसाधन और छात्र नहीं होने के चलते उसमें ताला लटका है. आईटीआई कॉलेज में शिक्षकों की भारी कमी है जिसका नतीजा है कि बहुत से ट्रेड के फैकेल्टी नहीं है. प्रदेश के स्वीकृत आईटीआई कॉलेज में 1386 शिक्षक सहित अन्य पदों की स्वीकृति प्राप्त है, लेकिन उसके सापेक्ष में मात्र 465 पद स्वीकृत है, जबकि 921 पद रिक्त पड़े हैं. यही नहीं विभाग द्वारा के माध्यम से 300 पदों पर शिक्षकों की नियुक्ति की गई है जिसके माध्यम से छात्रों को आईटीआई के माध्यम से कौशल बनाने का काम किया जा रहा है.
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FIRST PUBLISHED : September 04, 2023, 12:07 IST