Public Opinion: 'नशे से बर्बाद हो सकती है युवा पीढ़ी'…बार खुलने के विरोध में उतरीं महिलाएं, आंदोलन की तैयारी
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Almora: अल्मोड़ा की इस कॉलोनी के पास बार खुलने के विरोध में लोकल लोगों ने आंदोलन शुरू कर दिया है. उनका कहना है कि चाहे कुछ हो जाए यहां बार नहीं चलने देंगे.
बार का विरोध करते न्यू इंदिरा कॉलोनी के लोग.
हाइलाइट्स
- अल्मोड़ा में बार खुलने के विरोध में आंदोलन शुरू.
- कॉलेज के पास बार खुलने से विद्यार्थियों पर गलत असर.
- स्थानीय लोगों ने डीएम को ज्ञापन सौंपा.
अल्मोड़ा. उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले की न्यू इंदिरा कॉलोनी के पास बार खुलने के विरोध को लेकर क्षेत्र के लोगों ने आंदोलन शुरू कर दिया है. इस विरोध प्रदर्शन में अब छात्र और महिलाएं भी मैदान में उतर चुकी हैं. लोगों का कहना है कि कॉलेज परिसर के पास खुलने वाला बार विद्यार्थियों पर गलत असर डाल सकता है. लोगों ने चेतावनी दी है कि अगर यहां बार खोलने की अनुमति दी गई तो जोरदार आंदोलन किया जाएगा. इसके लिए स्थानीय लोगों ने अल्मोड़ा के डीएम के माध्यम से आबकारी विभाग और मुख्यमंत्री को ज्ञापन भी भेजा है।.मानक के अनुसार, करीब 200 मीटर के दायरे में किसी भी शराब की दुकान मंदिर, स्कूल और कॉलेज के पास नहीं खुलनी चाहिए.
बच्चों पर पड़ेगा गलत असर
न्यू इंदिरा कॉलोनी की पार्षद गीता बिष्ट ने बताया कि कॉलेज होने की वजह से बच्चों पर इसका गलत प्रभाव पड़ेगा. इसके अलावा यहां एक स्कूल की बस का स्टॉप भी है, जिस वजह से छोटे बच्चों पर भी गलत असर हो सकता है. यहां पर मंदिर भी है. इस वजह से बार का विरोध पूरे मोहल्ले के लोग कर रहे हैं. इसके साथ ही यहां पर बुजुर्गों और महिलाओं ने भी विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया है.
हो रहा जबरदस्त विरोध
स्थानीय निवासी दिनेश उपाध्याय ने बताया कि कॉलेज के बच्चों पर तो इसका बुरा असर होगा ही, साथ ही कॉलोनी में रहने वाले अन्य लोगों को भी इससे परेशानी होगी. मोहल्ले में रहने वाली महिलाओं और माताओं को अराजक माहौल का सामना करना पड़ेगा. छोटे बच्चों पर भी इसका दुष्प्रभाव पड़ेगा. वैसे भी शराब पीने के बाद व्यक्ति अपनी चेतना में नहीं रहता. इसको लेकर सभी लोग विरोध कर रहे हैं. अगर बार खुल भी गया तो उसका जोरदार विरोध किया जाएगा. साथ ही बाहर से आकर धरना-प्रदर्शन और उग्र आंदोलन किया जाएगा.
लोकल लोगों का क्या है कहना
स्थानीय निवासी सुंदर सिंह लटवाल ने कहा कि अगर न्यू इंदिरा कॉलोनी में बार खुलता है, तो नशे का कारोबार और फैल जाएगा, क्योंकि आजकल की युवा पीढ़ी पहले से ही नशे की लत में फंसी हुई है. साथ ही विश्वविद्यालय होने की वजह से विद्यार्थियों पर गलत असर पड़ेगा. उन्होंने कहा कि सरकार अगर बार की जगह कोचिंग संस्थान या कोई और समाजोपयोगी चीज खोलती तो ज्यादा अच्छा होता. जिला प्रशासन को बार खोलने को लेकर पहले ही चेतावनी दी जा चुकी है. अगर बार खुलता है तो सभी लोग मिलकर धरना-प्रदर्शन करेंगे.
युवा पीढ़ी फंस सकती है नशे के जाल में
स्थानीय निवासी नीलम जोशी ने बताया कि लोग बार खुलने का विरोध कर रहे हैं और वह अपने मोहल्ले में यह बार खुलने नहीं देंगी. आजकल की युवा पीढ़ी नशे के जाल में फंसती जा रही है और इसे बाहर निकालने की ज़रूरत है. कॉलेज और यहां मौजूद कई कोचिंग संस्थानों में पढ़ने के लिए छात्र-छात्राएं आते हैं, जिन पर इसका गलत असर पड़ेगा.
धरने की चेतावनी
स्थानीय निवासी नंदन सिंह ने बताया कि बार खुलने के विरोध में वे पहले से ही सक्रिय हैं. इस आंदोलन में स्थानीय लोगों के साथ-साथ मातृ शक्ति भी कंधे से कंधा मिलाकर शामिल है. यहां 10 मीटर के दायरे में एक मैदान भी है, जहां बच्चे खेलने के लिए आते हैं. इससे बच्चों पर भी बुरा असर पड़ सकता है. विरोध को लेकर अब तक तीन बार बैठकें हो चुकी हैं. साथ ही लोगों ने शासन-प्रशासन से मुलाकात कर धरने की चेतावनी भी दी है.