Uttarakhand: उत्तराखंड के स्कूलों में अब बच्चे खाएंगे मंडुवे की रोटी, जानें सरकार का प्‍लान

उत्तराखंड के किसानों की आय को बढ़ाने को लेकर सरकार ने मंडुवे को खरीदने का फैसला किया है. इससे पर्वतीय जिलों में मंडुवा पैदा कर रहे किसान प्रोत्साहित होंगे. राज्य के सहकारिता मंत्री धन सिंह रावत ने कहा है कि मंडुवे को एमएसपी पर खरीदा जाएगा, जो कि 35.78 रुपये प्रति किलो रहेगा. राज्य सरकार द्वारा खरीदे गए मंडुवे को पीडीएस, आंगनबाड़ी एवं विद्यालयों में मिड डे मील के माध्यम से वितरित किया जाएगा. बताया गया है कि स्कूलों में बच्चों को मिड डे मील में मंडुवे की रोटी परोसी जाएगी. उन्होंने कहा कि मंडुवा खरीदने की समय सीमा 31 जनवरी 2023 रखी गई है. इसके अलावा रावत ने कहा कि जिन किसानों से सहकारिता विभाग ने 2700 रुपये प्रति कुंतल खरीदा है, उन्हें भी एमएसपी कीमत दी जाएगी.

बता दें कि संयुक्त राष्ट्र ने वर्ष 2023 को मोटा अनाज वर्ष घोषित किया है. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मुताबिक, राज्य सरकार ने केंद्र से अनुरोध किया था कि उत्तराखंड के पारंपरिक अनाज मंडुवा को भी इसमें शामिल किया जाए. पीएम ने 2022-2023 के लिए मंडुवा को भी राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा में शामिल कर लिया है. इससे अब किसानों को मंडुवे के बेहतर दाम मिलेंगे. सरकार ने तय किया है कि मंडी व कोऑपरेटिव के जरिए मंडुवा खरीदेंगे. सरकार घरों से एक-एक दाना खरीदेगी. इससे किसानों का मंडुवे की फसल के प्रति के रुझान भी बढ़ेगा.

मुख्यमंत्री धामी ने आगे कहा कि इस पूरी प्रक्रिया में जिलाधिकारियों की विशेष भूमिका रहेगी. उत्तराखंड सरकार का यह कदम किसानों की आमदनी बढ़ाने को अभिनव प्रयास साबित होगा. प्रथम चरण में राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में पायलट प्रोजेक्ट के तहत अल्मोड़ा और पौड़ी जिलों के किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर मंडुवा खरीद योजना लागू की जाएगी. खरीदे गए अनाज को राज्य के मैदानी जिलों जैसे- हरिद्वार, ऊधम सिंह नगर के साथ ही देहरादून व नैनीताल जिलों के मैदानी क्षेत्रों में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत वितरित किया जाएगा.