इनोवेशन के जरिए समाज की समस्याओं के समाधान पर करें फोकस

जयपुर। अमृत काल विमर्श के ‘विकसित भारत एट 2047’ के अंतर्गत  ‘साइंस टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन इन द न्यू मिलेनियम: ब्रेव न्यू मिलेनियम’ विषय पर डेवलपमेंट सेशन आयोजित किया गया। भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय और ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन (एआईसीटीई) द्वारा देशभर में आयोजित की जा रही सेमिनारों की श्रृंखला के तहत पूर्णिमा कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में यह सैशन हुआ।

इसमें इंडियन नेशनल साइंस एकेडमी, दिल्ली के प्रेसिडेंट प्रो. आशुतोष शर्मा स्टूडेंट्स से रूबरू हुए। उन्होंने संस्थानों पर डिजिटलाइजेशन के प्रभाव, कौशल विकास, धैर्य रखते हुए बेहतर श्रोता बनने के बारे में बताया और अपनी जानकारी को व्यापक बनाने हेतु अच्छी शिक्षा प्राप्त करने के साथ—साथ इनोवेशन के जरिए समाज की समस्याओं के समाधान करने पर जोर दिया। सैशन के तहत प्रो. शर्मा व स्टूडेंट्स के बीच एक्टिविटी एक्सचेंज और क्वेश्चन—आंसर राउंड भी हुए। इनमें मुख्य वक्ता ने एआई के बारे में अपनी राय प्रकट की और बताया कि तकनीक में तेजी से आ रहे बदलावों के बीच हमें भविष्य के लिए क्या सावधानियां रखनी होगी। 

इससे पूर्व सैशन की शुरुआत में कॉलेज के डायरेक्टर डॉ. महेश बुंदेले ने मुख्य वक्ता का स्वागत किया, जबकि संयोजक डॉ. रेखा नायर ने सैशन की जानकारी दी। अंत में वाइस प्रिंसिपल डॉ. पंकज ढेमला ने धन्यवाद ज्ञापित किया।