इस जगह के अप्पे का हर कोई दीवाना, एक बार ट्राई करेंगे तो बार-बार खाएंगे


हिना आज़मी/ देहरादून. व्यंजनों की अगर बात करें तो देहरादून में खानपान की चीज जगह-जगह मिल जाती है. देहरादून के खानपान की खासियत यह भी है कि देशभर की अलग-अलग मशहूर चीज भी देहरादून में उपलब्ध हो जाती है. आगरा का पेठा हो या हैदराबाद- मुरादाबाद की बिरयानी हो या फिर पंजाबी और साउथ इंडियन फ़ूड हर तरह के व्यंजन यहां मिल जाते हैं. ऐसे ही हैं देहरादून में मिलने वाले अप्पे.. यह साउथ इंडियन स्नैक्स है और देहरादून के फाउंटेन चौक के पास जी 170 पर मिलते हैं.

कई दिनों से देहरादून में अप्पे का इंतजार करने वाले तुषार बताते हैं कि उन्होंने 4 साल पहले दिल्ली में अप्पे खाए थे और वह देहरादून में भी चाह रहे थे कि उन्हें कहीं खाने के लिए मिले तो उन्हें यहां अप्पे खाने के लिए मिल गए हैं.उन्होंने बताया कि वह पिछले तीन दिनों से दुकान पर आ रहे थे किसी वजह से दुकान बंद थी लेकिन आज उन्हें आखिरकार इंतजार के बाद अप्पे खाने के लिए मिल ही गए हैं.

 स्टूडेंटस की बना पहली पसंद
उनका कहना है कि चाइनीस फूड से ज्यादा बेहतर साउथ इंडियन फूड है क्योंकि यह हेल्दी और टेस्टी दोनों है जो हमारे पेट को नुकसान नहीं करती है. वहीं लखनऊ से देहरादून में आकर पढ़ने वाली स्टूडेंट बुशरा बताती है कि उन्हें सूजी की चीज खाना काफी पसंद है इसलिए उन्होंने पहली बार अपने दोस्तों के कहने पर अप्पे ट्राई किये जो डिफ्रेंट चटनियों के साथ उन्हें बहुत स्वादिष्ट लगे.

‘खाने में काफी टेस्टी है ये अप्पे’
बुशरा का कहना है कि हालांकि उनके लखनऊ में ज्यादा स्पाइसी और ऑयली खाने के लिए मिलता है लेकिन अप्पे का स्वाद उन्हें अलग ही लगा.वहीं सृष्टि का कहना है कि हमारे घर में एक आंटी महाराष्ट्र से आकर रह रहीं थी जिन्होंने उन्हें अप्पे बनाना सिखाया.उन्होंने बताया कि वह महीने में एक बार तो घर पर अप्पे बना ही लेती हैं. यहां भी वह अप्पे का स्वाद लेने पहुंच गई ताकि उन्हें जल्दी -जल्दी अप्पे खाने के लिए मिल जाये.

देहरादून में कहाँ आप भी ले सकते हैं अप्पे का स्वाद ?
चाइनीस फूड को टक्कर देकर कुछ हेल्दी लोगों को खिलाने वाली रिया कनौजिया का कहना है कि देहरादून में जिस तरह से चाइनीस फूड का चलन बढ़ गया है ऐसे में यूथ और बच्चों की हेल्थ के लिए में कुछ नया करना चाहती थी इसीलिए मैंने यह शुरू कर दिया. उन्होंने बताया कि लोगों का उन्हें बहुत अच्छा रिस्पांस मिल रहा है. रिया की अगर बात करें तो रिया संत कबीर अकैडमी में बतौर टीचर काम करती हैं.

’50 रुपए प्रति प्लेज मिलते है अप्पे’
वह 3 बजे स्कूल से आती हैं और फिर शाम 6 बजे के बाद अपना स्टॉल लगती है जो करीब 9:30 बजे तक चलता है. इसके बाद वह अपने घर का काम भी निपटाती हैं.अगर आप भी देहरादून में अप्पे का स्वाद लेना चाहते हैं तो आप देहरादून के फाउंटेन चौक पर जाइए जहां से आप जी -170 पर इन्हें खा सकते हैं. इसकी कीमत 50 रुपये प्रति प्लेट है.

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