इस शख्स के बिना अधूरी है पिथौरागढ़ की रामलीला, 25 सालों से कर रहे हैं तबला वादन


हिमांशु जोशी/पिथौरागढ़.पहाड़ों में इन दोनों रामलीला का जोर है. रामलीला को सफल बनाने के लिए सभी लोग तन मन धन से अपना सहयोग करते हैं. पर्दे के आगे कलाकार अपना अभिनय दिखाकर जनता को मनोरंजन से तो जोड़ते ही हैं लेकिन असली भूमिका निभाते हैं पर्दे के पीछे रहने वाले लोग, जो इस पूरी रामलीला को सफल बनाने के लिए दिन-रात मेहनत करते हैं. आज ऐसे ही शख्स के बारे में हम बात कर रहे हैं जिनके बिना रामलीला अधूरी ही लगती है और वो शख्स हैं संगीत के मास्टर भुवन पांडे.

भुवन पांडे रामलीला में तबला वादक का काम पिछले कई दशकों से करते आये हैं और बच्चों को संगीत भी सिखाते हैं. भुवन पांडे पेशे से शिक्षक हैं और टकाना की रामलीला में पिछले 25 सालों से ज्यादा समय से तबला वादन का काम कर रहे हैं. जिनसे बातचीत में उन्होंने बताया कि कुमाऊं की रामलीला में संगीत का विशेष महत्व है जो इसे सबसे अलग बनाता है. यहां जो तबले की धुन बजती है तो पारंपरिक है जो सिर्फ कुमाऊं की गायन शैली में ही इस्तेमाल की जाती है. उन्होंने कहा कि शुरुआत में उन्हें रामलीला जैसे आयोजनों में कोई रुचि नहीं ठों लेकिन उनके पिताजी के अनुरोध पर उन्होंने रामलीला को जॉइन किया और आज 25 सालों से लगातार तबला वादन का काम कर रहे हैं.

नवरात्र के बाद से ही पूरे कुमाऊं में रामलीला का दौर शुरू हो जाता है जो नवंबर महीने के अंत तक चलता है. यह कुमाऊं की एक सांस्कृतिक विरासत भी है जिसे पीढ़ी दर पीढ़ी लोग संभालते आये हैं. और कई ऐसे गुमनाम लोग भी हैं जिनका पहाड़ों में रामलीला का आयोजन कराने में बहुत बड़ा योगदान रहा है. लोकल18 ऐसे सभी कलाकारों का उत्साह लगातार बढ़ाते आया है.

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FIRST PUBLISHED : November 2, 2023, 15:23 IST