एमिटी के जेंडर सेल का मेंसुरेशन हाइजीन और आईवीएफ पर मंथन

जयपुर। एमिटी यूनिवर्सिटी राजस्थान के जेंडर सेल के द्वारा महिलाओं के स्वास्थ्य और मासिक धर्म स्वच्छता के प्रति समग्र दृष्टिकोण पर ध्यान केंद्रित करते हुए एक कार्यक्रम आयोजित किया। एमिटी यूनिवर्सिटी राजस्थान के जेंडर सेल ने महिला स्वास्थ्य और मासिक धर्म स्वच्छता पर एक सत्र के साथ महिला कल्याण और आईवीएफ जागरूकता की अगुवाई की। कार्यक्रम की शुरुआत प्रताप आईवीएफ  सेंटर, जयपुर की वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. सुमन कंवर के ज्ञानवर्धक संबोधन से हुई। डॉ. कंवर ने मासिक धर्म और आईवीएफ  की पेचीदगियों पर गहन चर्चा की। अपने संबोधन में उन्होंने कहा इन विट्रो फर्टिलाइजेशन उन महिलाओं के लिए एक महत्वपूर्ण विकल्प है जो बांझपन से जूझ रही हैं। यह प्राकृतिक गर्भाधान संभव नहीं होने पर माता-पिता बनने की आशा और संभावित मार्ग प्रदान करता है। आईवीएफ  महिलाओं को विभिन्न प्रजनन समस्याओं, आईवीएफ  को समझना और उस पर विचार करना नई संभावनाओं को खोल सकता है और मातृत्व की खुशी को उन लोगों की पहुंच में ला सकता है जो अन्यथा उम्मीद खो सकते हैं। 

इसके बाद प्रताप आईवीएफ सेंटर के डॉ. विक्रम कंवर ने भी अपने विचार रखें। इस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण एक प्रतियोगिता थी जिसमें प्रतिभागियों के मानसिक कौशल का परीक्षण करने के लिए तीन कठोर दौरों के माध्यम से डिजाइन किया गया था जिसमें सामान्य ज्ञान और करंट अफेयर्स राउंड, संज्ञानात्मक कौशल और दृष्टिकोण आधारित राउंड और उसके बाद मूल्य आधारित राउंड शामिल थे। निर्णायक मंडल में सीएसआईआर में एमेरिटस साइंटिस्ट प्रोफेसर अमला बत्रा, एक अनुभवी पत्रकार और सामाजिक उद्यमी साधना गर्ग और राजस्थान सरकार की पूर्व सिविल सेवक अपर्णा सहाय सहित प्रतिष्ठित व्यक्तित्व शामिल थे। कई दौरों की गहन और प्रतिस्पर्धी श्रृंखला के बाद पुरस्कार डॉ. सोनल खंडेलवाल, सहायक प्रोफेसर, एमिटी बिजनेस स्कूल डॉ. पल्लवी मिश्रा, एसोसिएट प्रोफेसर एमिटी स्कूल ऑफ कम्युनिकेशन और डॉ. तनुश्री मुखर्जी एसोसिएट प्रोफेसर एमिटी स्कूल आॅफ  कम्युनिकेशन ने जीता। 

सत्र के सफल समापन पर एमिटी यूनिवर्सिटी राजस्थान के वाइस चांसलर प्रोफेसर (डॉ.) अमित जैन ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए सूचनात्मक और संवादात्मक सत्र के महत्व पर जोर दिया। प्रोफेसर जयति शर्मा अध्यक्ष जेंडर सेल ने निर्णायक मंडल के वरिष्ठ सदस्यों और प्रताप आईवीएफ के चिकित्सा विशेषज्ञों को उनकी उपस्थिति और बहुमूल्य योगदान के लिए धन्यवाद दिया। प्रोफेसर पारुल मिश्रा, सदस्य जेंडर सेल एयूआर ने औपचारिक धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया।