कामकाजी महिलाओं के बच्चों के लिए फ्री वात्सल्य डे केयर सेंटर, मिलता है मां जैसा दुलार
हिना आज़मी/देहरादून. उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में वह कामकाजी महिलाएं जिनके घर में उनके छोटे बच्चों को संभालने के लिए कोई नहीं होता है, उनके लिए देहरादून के सर्वे चौक पर वात्सल्य डे केयर सेंटर स्थित है जहां 6 साल तक कि उम्र के बच्चों को रखा जाता है. यहां बच्चों के खेलने के लिए खिलौने ,झूले और सोने के लिए बेड भी लगाए गए हैं तो वही बच्चों के खाने के लिए भी कुछ ना कुछ बना कर दिया जाता है.
वात्सल्य डे केयर सेंटर की एचओडी रिद्धि भारद्वाज ने लोकल 18 को जानकारी देते हुए कहा कि ऐसी महिलाएं जो नौकरी करती हैं और उनके बच्चों को संभालने वाला घर पर कोई नहीं होता है तो उनके लिए राज्य सरकार की ओर से पिछले साल वात्सल्य डे केयर सेंटर की शुरुआत की गई थी. इसमें महिलाएं अपने बच्चों को सुबह छोड़कर जाती हैं जहां उनकी देखभाल के लिए आया बहने होती हैं. जो उनका एक मां की तरह ख्याल रखती हैं. उन्होंने बताया कि यह निःशुल्क सेवा है. स्कूल शुरू हो चुके हैं, कुछ बच्चे स्कूल के बाद से यहां रहते हैं जिन्हें लगभग 8 घंटे यहां रखा जाता है और फिर उन्हें उनके पैरेंट्स रात को लेकर चले जाते हैं. उन्होंने बताया कि यहां कम से कम 2 आया बहने हमेशा होती हैं जिनकी ड्यूटी लगती हैं फिर शिफ्ट बदल दी जाती है.
ये सुविधाएं है उपलब्ध
रिद्धि बताती है कि वात्सल्य डे केयर सेंटर में 6 माह से लेकर 6 साल के बच्चों की देखभाल की जाती है . जहां बच्चे अगर दिन में सो जाएं तो उनके लिए बेड उपलब्ध है और अगर उनको बीच में भूख लग जाए तो खाना बनाने की सुविधाएं भी हैं. इतना ही नहीं छोटे बच्चों के लिए यहां झूले और खेलने के लिए खिलौने भी मौजूद हैं.
मां की तरह ही दुलार देती हैं आया बहने
कहते हैं कि छोटे बच्चों का खास ख्याल रखने के लिए उनकी मां का पास होना जरूरी होता है लेकिन कई महिलाओं को मजबूरन अपने बच्चों से दूर होना पड़ता है लेकिन उन्हें फिक्र लगी होती है कि बच्चे बिन प्यार और दुलार के कैसे रहेंगे? वात्सल्य डे केयर सेंटर में आया बहने अपने बच्चों की तरह ही इनका दुलार करती हैं. केयर टेकर गीता बताती हैं कि उन्हें बच्चों से पहले से ही प्यार रहा है और उन्हें यहां छोटे बच्चों का साथ मिल जाता है. उन्हें ये बच्चे बहुत अच्छे लगते हैं और उनसे बहुत लगाव हो जाता है.
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FIRST PUBLISHED : October 29, 2023, 19:33 IST