कॉमिक्स का हिंदी रोमांटिक सिनेमाई वर्जन है आर्चीज

नवज्योति, जयपुर। आर्चीज कॉमिक्स के किरदार और उनका देशी स्टाइल कहानी 60 के दशक की और रोमांस का ट्राइंगल तड़का, दोस्ती, स्कूल, डांस मस्ती और मकसद के साथ बदलाव का टकराव इमोशन और बिजनेस की लड़ाई, यही मिली जुली एंटरटेनमेंट की दुकान है आर्चीज। इसमें शाहरुख की बेटी, अमिताभ के नाती और श्रीदेवी की बेटी मुख्य आकर्षण हैं। कहानी है आगतस्या ऊर्फ आर्ची की जो रिवरडेल नाम के हिल स्टेशन में अपने दोस्तों संग मस्ती करके अपनी जिंदगी बिता रहा है। उसका सपना है म्यूजिशियन बनने का। 

वही वेरोनिका (सुहाना खान) लंदन से पढ़कर अपने हिल स्टेशन लौट आई है, जो अमीर बाप की इकलौती बेटी है और ब्यूटी फ्लांट करने में विश्वास रखती है, जिसे आर्ची पसंद करता है, लेकिन बिट्टी (खुशी कपूर) जो आर्ची की बचपन की दोस्त है और उसे हमेशा से चाहती है, आर्ची को डेट करने की कोशिश में है। इन तीनों के लव एंगल के साथ हैं जगहेड (मिहिर आहूजा), डिल्टन डॉइली (युवराज मेंडा), थल मग्स (अदिति डॉट) और रेजी मेंटल (वेदांग रैना)। दोस्ती का वो ग्रुप है जो हमेशा साथ रहता है। दूसरी तरफ  वेरोनिका के पिता (अली खान) रिवरडेल केफेमस ग्रीन पार्क को बदलकर मॉल बनाना चाहते हैं। 

इसके चलते वो हर एक दुकानदार की शॉप उनकी मर्जी या बिना मर्जी के खरीद रहे हैं। इससे सारे बच्चे परेशान हैं, क्योंकि वो कहीं न कहीं ग्रीन पार्क से जुड़े हैं। यहां तक की वेरोनिका भी अपने पिता के खिलाफ  उनका साथ देती है। बिजनेस अब पर्सनल बन जाता है। हार जीत के इस खेल में जीत किसकी होगी। क्या दोस्ती जीतेगी। क्या सारे बच्चे हिल स्टेशन का ग्रीन पार्क बचा पाएंगे। यही कहानी है आर्चीज। कहानी सरल है, जिसके पात्र देशी है, लेकिन नाम विदेशी है। पटकथा को इमोशन-रोमांस-कॉमेडी के साथ बुना है। 

जोया अख्तर का निर्देशन उनकी लेखन की तरह फ्यूजन कन्फ्यूजन सा है। अभिनय में अगस्तय नंदा ने अपना किरदार बाखूबी बिंदास जिया है। वहीं सुहाना खान और खुशी कपूर अभी एक्टिंग सीखती नजर आती हैं। वैदांग रैना व मिहिर आहूजा अच्छे लगे हैं। सिनेमेटोग्राफी और एडिटिंग दोनों अच्छे हैं।  म्यूजिक प्लस प्वाइंट है। ओवरआॅल आर्चीज वो कवर पेज है, जो दिखने में तो अच्छा लगता है, लेकिन दिल नहीं छूता।

– दानिश राही