देहरादून का DAV कॉलेज; दो प्रधानमंत्री, सेना प्रमुख और बछेंद्री पाल रहे हैं एलुमनी, शानदार इतिहास


देहरादून. उत्तराखंड की राजधानी देहरादून को एजुकेशन हब कहा जाता है. क्योंकि यहां कई नामी-गिरामी स्कूल, कॉलेज और यूनिवर्सिटी हैं. देश की कई दिग्गज हस्तियों ने देहरादून से पढ़ाई की है. देहरादून का डीएवी (पीजी) कॉलेज इसी कड़ी में एक बड़ा नाम है. ब्रिटिश काल में स्थापित इस कॉलेज की एलुमनी लिस्ट पर नजर डालें तो दो देशों के प्रधानमंत्री, कई मंत्री, सेना के अफसर और हिमालय की चोटी फतह करने वाली बछेंद्री पाल का नाम सामने आता है. आज भी इस कॉलेज में उत्तराखंड के अलावा कई बाहरी राज्यों के युवा पढ़ाई करने आते हैं. आइए देहरादून के डीएवी पीजी कॉलेज के इतिहास पर एक नजर डालते हैं.

डीएवी पीजी कॉलेज का पूरा नाम दयानंद एंग्लो वैदिक स्नातकोत्तर महाविद्यालय है. महात्मा हंसराज के निर्देशन में सबसे पहले डीएवी कॉलेज ट्रस्ट एवं प्रबंध समिति के प्रथम स्कूल की स्थापना 1 जून, 1886 को पाकिस्तान के लाहौर में हुई. इसके बाद इस संस्थान की स्थापना साल 1892 में एक रात्रिकालीन संस्कृत पाठशाला के रूप में मेरठ में की गई. साल 1904 में देहरादून के ठाकुर पूरन सिंह नेगी ने इस कॉलेज के लिए जमीन दान की, जिसके बाद संस्थान को मेरठ से देहरादून स्थानांतरित कर दिया गया. 1922 में इसे इंटरमीडिएट कॉलेज के रूप में शुरू किया गया और साल 1946 में यह डिग्री कॉलेज के रूप में संचालित होने लगा. 1948 में डीएवी महाविद्यालय के रूप में स्थापित हो गया.

ऐतिहासिक कॉलेज में नामचीन हस्तियों ने ली शिक्षा

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FIRST PUBLISHED : July 09, 2022, 13:07 IST