नैनीताल में बंद हुआ टैक्सी बाइक का संचालन, चालकों पर रोजगार का संकट, कैसे पालेंगे परिवार?



नैनीताल: उत्तराखंड के नैनीताल में इन दिनों टैक्सी चालकों पर रोजगार का संकट मंडराने लगा है. जिला प्रशासन द्वारा उत्तराखंड हाइकोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए साल 2017 के बाद पंजीकृत टैक्सी बाइक्स का संचालन बंद करने के निर्देश दिए गए हैं. जिस वजह से नैनीताल में टैक्सी संचालकों के सामने रोजगार का संकट मंडरा रहा है. नैनीताल में इस समय लगभग 500 से ज्यादा टैक्सी बाइक का संचालन किया जा रहा है. जिनमें से कई गाड़ियां मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत लोगों को दी गई हैं. ऐसे मैं अगर टैक्सी गाड़ियों का संचालन शहर में बंद होता है तो लोगों के लिए रोजगार का संकट खड़ा हो जाएगा.

क्या है नया नियम
बीते दिनों नैनीताल नगर पालिका सभागार में आरटीओ संदीप सैनी ने टैक्सी बाइक संचालकों के साथ मीटिंग कर नियमों की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि 2017 से पहले जो 88 बाइक वैलिड हैं, वही नैनीताल में चल सकती हैं. जिसके लिए एक एसओपी बनाई गई है. जिसके तहत 88 टैक्सी बाइक्स को पहले वैरिफाई किया जाएगा. इसके अलावा अन्य टैक्सी बाइक्स को शहर के बाहर चलने की अनुमति होगी. जिसके बाद शहर में जगह-जगह आरटीओ द्वारा टैक्सी बाइक्स के काफी भारी चलान किए जा रहे हैं. रोड किनारे खड़ी टैक्सी बाइक्स को सीज किया जा रहा है. ऐसे में स्थानीय टैक्सी बाइक चालकों के सामने रोजगार का संकट मंडराने लगा है.

खुद स्वरोजगार की बात करते हैं और खुद छीनते हैं
नैनीताल निवासी टैक्सी बाइक चालक कमल जोशी बताते हैं कि वो नैनीताल में रहकर टैक्सी बाइक चलाकर अपने परिवार का भरण पोषण करते हैं. उन्हें मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत बाइक मिली थी. जिसके लिए उन्होंने नैनीताल के स्थाई निवास समेत तमाम दस्तावेजों को बैंक में लगाया था. आरटीओ द्वारा परमिट भी दिया गया. लेकिन प्रशासन द्वारा अब नैनीताल में टैक्सी बाइक्स के संचालन को प्रतिबंधित किए जाने पर उनके परिवार के भरण पोषण का संकट आ गया है.

पत्नी के जेवर गिरवी रखकर खरीदी थी बाइक
नैनीताल निवासी और स्थानीय बाइक टैक्सी चालक राशिद अहमद बताते हैं कि उन्होंने अपनी पत्नी के जेवर गिरवी रखकर स्वरोजगार करने के लिए बाइक खरीदी थी. जिसकी किस्तें उनके द्वारा भरी जा रही हैं. उन्होंने बताया कि उनके घर का खर्च उनके इस काम से ही चलता है. उनके बच्चों की स्कूल की फीस, बाइक की किस्तें, घर का किराया अब कुछ इस काम पर ही निर्भर है. बाइक्स को प्रतिबंधित किए जाने के कारण उनके सामने आर्थिक संकट मंडराने लगा है.

कट रहा है चालान
नैनीताल निवासी टैक्सी चालक परवेज आलम कहते हैं कि नैनीताल में टैक्सी बाइक्स को प्रतिबंधित किए जाने के कारण गाड़ी को कहीं लेकर जाने में और खड़ी करने में भी सीधे चलान किए जा रहे हैं. उन्होंने बैंक में जरूरी दस्तावेज लगाकर बाइक फाइनेंस करवाई है. साथ ही आरटीओ से परमिट भी लिया है. ऐसे में आरटीओ द्वारा काफी भारी चलान नैनीताल में किए जा रहे हैं और गाड़ियां सीधा सीज की जा रही हैं. उन्होंने बताया कि एक तरफ जहां इस टैक्सी बाइक से स्थानीय लोगों को रोजगार मिलता है तो वहीं लोगों को भी काफी सहूलियत होती है. कम किराए और कम समय में लोग अपने गंतव्य तक पहुंच जाते हैं.

कैसे पालेंगे परिवार
नैनीताल निवासी बाइक टैक्सी चालक साजिद बताते हैं कि नैनीताल में 2017 के बाद टैक्सी गाड़ियां प्रतिबंधित कर दी गई थी. लेकिन उसके बाद भी आरटीओ द्वारा जरूरी दस्तावेज लेकर परमिट दिए गए. जिसमें हाइकोर्ट की मुहर लगी होती है. लेकिन परमिट लेते समय सारे दस्तावेज नैनीताल के थे. वहीं हाइकोर्ट की प्रतिबंधित मुहर के कारण शहर में वो गाड़ी नहीं चला पा रहे हैं. जिससे उनके और उनके परिवार के सामने आर्थिक संकट मंडराने लगा है. वहीं प्रशासन भी अब सपोर्ट नहीं कर रहा है. काफी भारी चलान गाड़ियों के किए जा रहे हैं. ऐसे में उन्हें परिवार के पालन पोषण की चिंता सताने लगी है.

पढ़ाई के साथ ही घर का खर्च निकालना मुश्किल
इसी तरह टैक्सी बाइक चालक सूरज बताते हैं कि वो अभी छात्र हैं और पढ़ाई के साथ टैक्सी बाइक चलाकर स्वरोजगार भी कर रहे हैं.  जिससे उनकी पढ़ाई के खर्च के साथ ही घर का खर्च भी चल रहा है. उनकी बाइक की महीने की 8000 रूपये की किस्त है, जो इस काम से ही वो भरते हैं. ऐसे में उनके सामने गाड़ी की किस्त, घर का खर्च और पढ़ाई के खर्च को निकालने की समस्या आ गई है. उन्होंने बताया कि आरटीओ द्वारा 14 से 15 हजार के चलान किए जा रहे हैं. ऐसे में वो कैसे कमाएंगे, कैसे किस्त भरें और किस्त से ज्यादा चलान भरने की समस्या उनके सामने आ रही है.

नये साल पर मिलता था बिजनेस
नैनीताल निवासी और टैक्सी बाइक चालक मनोज बताते हैं कि कुछ दिन पहले ही उनका आरटीओ द्वारा काफी भारी चलान हुआ है. वहीं उनके पास सिर्फ एक स्कूटी है जिससे वो अपने परिवार का भरण पोषण करते हैं. ऐसे में उनके सामने आर्थिक संकट मंडराने लगा है. उन्होंने बताया कि नए साल और क्रिसमस को लेकर नैनीताल में पर्यटकों की भीड़ बढ़ने लगी है. ऐसे मैं पिछले सालों तक इस समय काम काफी अच्छा होता था. लेकिन टैक्सी बाइक्स के प्रतिबंधित हो जाने के कारण उनके काम में काफी असर पड़ रहा है.

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