पहाड़ों में गच्चा खा जाते हैं शहरों के ड्राइवर, ड्राइविंग करते समय ध्यान रखें ये बातें
रोहित भट्ट/ अल्मोड़ा. मैदानी इलाकों और पहाड़ी क्षेत्र की सड़कों में फर्क होता है. प्लेन्स में सीधी सड़कें देखने को मिलती हैं और पहाड़ी क्षेत्रों में टेढ़ी-मेढ़ी सड़क. उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में अक्सर सड़क हादसे होते हैं और ज्यादातर यह देखा जाता है कि मैदानी क्षेत्रों से पहाड़ घूमने आने वाले लोग पहाड़ों में ड्राइविंग में इतने एक्सपर्ट नहीं होते और गाड़ी चलाते समय वे लापरवाही बरतते हैं, जिससे वे एक्सीडेंट कर बैठते हैं. पिछले साल 9 अक्टूबर को हरियाणा की एक स्कूल बस बच्चों को नैनीताल घुमाने लाई थी. बस कालाढूंगी के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गई. इस हादसे में 7 लोगों की मौत हुई थी और 26 लोग घायल हुए थे. वहीं 20 दिसंबर को पिथौरागढ़ में भी एक कार गहरी खाई में गिरी थी, जिसमें दिल्ली निवासी पिता-पुत्र समेत तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी.
मैदानी इलाकों में गाड़ी चलाने और पहाड़ों में गाड़ी चलाने में बहुत फर्क होता है. पहाड़ों में ड्राइविंग के अपने नियम हैं. Local 18 की टीम ने अल्मोड़ा के रहने वाले एक्सपर्ट ड्राइवर किशन से बातचीत की. उन्होंने कहा कि वह 25 साल से गाड़ी चला रहे हैं. पहाड़ी क्षेत्रों के साथ-साथ मैदानी इलाकों में भी वह गाड़ी चलाते हैं. प्लेन्स से पहाड़ घूमने आने वाले कई ड्राइवर ऐसे होते हैं, जो बेतरतीब तरीके से ड्राइविंग करते हैं या उन्हें पहाड़ में गाड़ी चलाने का अनुभव नहीं होता है और उनकी इन्हीं गलतियों की वजह से वे सड़क हादसों का शिकार हो जाते हैं.
पहाड़ों में ड्राइविंग करते समय रखें इन बातों का ध्यान
किशन ने आगे कहा कि मैदानी क्षेत्र के ड्राइवर ज्यादातर अपनी साइड में न चलकर दूसरी लाइन में आ जाते हैं, जिस वजह से ज्यादातर दुर्घटनाएं होती हैं. इसके अलावा खाई से बचने के लिए भी ड्राइवर गलत साइड में आ जाते हैं. कई बार ड्राइवर खड़ी चढ़ाई में भी मात खा जाते हैं क्योंकि चढ़ाई में क्लच और ब्रेक के अनुसार गाड़ी उठानी पड़ती है. सबसे बड़ा कारण उन्होंने बताया कि पहाड़ों में ओवरटेक और ओवर स्पीड के चलते भी सड़क दुर्घटनाएं होती हैं. उन्होंने कहा कि जब आप पहाड़ों में ड्राइविंग करें, तो अपनी स्पीड पर नियंत्रण रखें. ओवरटेक करते समय सामने से आ रहे वाहन पर खास ध्यान दें. मोड़ों पर पास न लें और न दें. मोड़ों पर हॉर्न बजाएं. रात में लो बीम का इस्तेमाल करें. पहाड़ों में सड़कें छोटी होती हैं, लिहाजा ड्राइविंग से ब्रेक लेते समय वाहन सड़क पर खड़ा न करें बल्कि किसी ऐसे स्थान पर गाड़ी खड़ी करें, जहां पार्किंग की जगह हो.
.
Tags: Almora News, Local18, Uttarakhand news
FIRST PUBLISHED : January 13, 2024, 13:56 IST