पहाड़ के मोटे अनाजों को खरीदेगी एसएसबी, सीमांत के किसानों को मिलेगी मदद
हिमांशु जोशी/पिथौरागढ़. पूरे देश में इन दिनों मोटे अनाज की पैदावार बढ़ाने और उनका ज्यादा उपयोग करने के लिए हर स्तर पर प्रयास किया जा रहा है. उत्तराखंड की बात करें तो यहां स्कूलों में मिलने वाले मिड डे मील में भी मोटे अनाजों को प्रमुख रूप से शामिल किया है. ऐसे में देखा जाए तो मोटे अनाजों जैसे मड़वा, ज्वार, बाजरा चना आदि चीजों की डिमांड भी काफी बढ़ती जा रही है. अगर किसान बंधु इन चीजों की व्यापक रूप से खेती करें तो यह उनकी आजीविका को निश्चित रूप से बड़ा सकता है. पहाड़ी जिलों की बात करें तो यहां सिंचाई के सीमित साधन ही हैं जो मोटे अनाज की फसल के लिए उपयुक्त है. और अब मोटे अनाजों का बाजार भी बढ़ता जा रहा है. जिससे किसानों को उनकी फसल के काफी अच्छे दाम भी मिलने जा रहे हैं.
पहाड़ी किसानों की आय को बढ़ाने के लिए अब एसएसबी भी आगे आयी है. पिथौरागढ़ बॉर्डर से लगा जिला है और यहां सीमाओं की रक्षा एसएसबी करती है. पिथौरागढ़ दौरे में आए एसएसबी के आईजी मनोज कुमार ने भी यहां के स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने की बात कही है. जिनका कहना है कि किसानों से मोटे अनाजों को अब एसएसबी खरीदेगी जिससे यहां के किसानों को सीधा लाभ मिल सके. उन्होंने कहा कि यहां के किसानों को ज्यादा मात्रा में मोटे अनाजो का उत्पादन करना चाहिए. अगर वह इस संचय में है कि अनाज को कैसे बेचना है तो उसके लिए भी एसएसबी उन्हें पूरी मदद करेगी.
सीमांत जिले में मड़वे की खेती काफी मात्रा में होती थी, लेकिन उचित मूल्य न मिल पाने से इसका उत्पादन भी काफी कम हो गया है. मोटे अनाजों में शामिल मंडुवा के उत्पादन से निश्चित ही यहां के किसानों को फायदा मिलने वाला है. अनाजों के साथ अन्य स्थानीय उत्पाद की सप्लाई भी ग्रामीण एसएसबी को कर सकते हैं जिसके लिए उन्होंने एसएसबी के ऐंचोली स्थित मुख्यालय में सम्पर्क करना होगा.
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FIRST PUBLISHED : August 15, 2023, 17:35 IST