प्राइवेट स्कूलों में निरीक्षण करेगा शिक्षा विभाग, स्टेट लेवल पर होगी मॉनिटरिंग

जयपुर। प्राइवेट स्कूलों में अभिभावकों की शिकायतों के निस्तारण के लिए शिक्षा विभाग सरकारी स्कूलों के साथ साथ अब प्राइवेट स्कूलों में भी निरीक्षण कराएगा। जिला स्तर पर निरीक्षण कमेटी की रिपोर्ट्स पर स्टेट लेवल पर मॉनिटरिंग के लिए भी कमेटी काम करेगी। आचार संहिता हटने के बाद विभाग की इस मामले में कवायद तेज हो जाएगी।

राजस्थान में प्राइवेट स्कूलों में संबंधित नियमों की पालना सुचारू रूप से हो रही है या नहीं अब इसकी जांच होगी। साथ ही निजी स्कूलों की समस्याओं के समाधान के लिए निरीक्षण समिति का गठन किया जाएगा। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के निर्देशों के बाद विभागीय अधिकारी इसे अमलीजामा पहनाने में जुटे हुए हैं। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि निजी स्कूलों में संबंधित कानून और नियमों की पालना सुचारू रूप से हो रही है या नहीं इसके जांच होगी। साथ ही निजी स्कूलों की समस्याओं के समाधान के लिए निरीक्षण समिति का गठन किया जाएगा। प्रदेश के सभी स्कूलों का भौतिक निरीक्षण कर उनकी समस्याओं का समाधान करवाया जाएगा। यदि किसी स्कूल की ओर से निरीक्षण में सहयोग नहीं किया जाएगा, या दस्तावेज उपलब्ध नहीं करवाए जाते हैं, तो ऐसी स्थिति में उस स्कूल की मान्यता खत्म करने की कार्रवाई भी प्रस्तावित की जा सकती है। 

इन प्रमुख बिंदुओं पर होगी जांच
1- मान्यता आदेशों के अनुसार स्कूल की भौतिक स्थिति के तहत भूस्वामित्व/पंजीकृत किराएनामे के दस्तावेज
2- स्कूल को संचालित करने वाले ट्रस्ट/ सोसाइटी की स्थिति सोसाइटी का पंजीकरण विधान और कार्यकरणी से संबंधित सभी दस्तावेज
3- पूर्व में प्राप्त सभी मान्यता आदेश संस्था की स्थावर संपत्तियों का विवरण
4- स्कूल भवन का सक्षम अधिकारी की ओर से जारी ब्लूप्रिंट, अग्नि सुरक्षा प्रमाण पत्र और भवन सुरक्षा प्रमाण पत्र
5- स्कूल की स्वच्छता संबंधित रिपोर्ट स्थिति गत सालों की सीए रिपोर्ट
6- स्कूल और संबंधित जिला शिक्षा अधिकारी के नाम संयुक्त एफडीआई की प्रति