12वीं में फेल होने के बाद मंजीत की बदली दिशा और दशा, अब बने इजराइल में वैज्ञानिक
रिपोर्ट- सोनिया मिश्रा
रुद्रप्रयाग. 12th फेल आईपीएस अफसर मनोज शर्मा की कहानी और फिल्म तो सबने देखी सुनी. ऐसे एक नहीं कई लोग हैं जो 12वीं बोर्ड परीक्षा में फेल होने के बाद हारे नहीं. हताश होने के बजाए आगे बढ़े और सफलता की नयी मंजिल हासिल की. यहां बात रुद्रप्रयाग के मंजीत की. उनकी कहानी भी आईपीएस अफसर मनोज शर्मा से कम नहीं.
ये खबर खास उन छात्रों और युवाओं के लिए है जो परीक्षा के नाम से घबराते हैं या जरा सी असफलता से परेशान होकर जिंदगी खत्म कर लेते हैं. कई युवा स्कूल में फेल होने के बाद पढ़ाई और स्कूल से दूरी बना लेते हैं, कुछ लोग घातक कदम उठा लेते हैं. ऐसे सभी लोगों के लिए रुद्र प्रयाग के मंजीत सिंह एक संबल हैं.
मंजीत सिंह ने 12वीं में फेल होने के बाद अपने जीवन की नई कहानी लिखी और आज वह इजरायल की राजधानी तेल अवीव विश्वविद्यालय में वैज्ञानिक की नौकरी मिली है. मंजीत रुद्रप्रयाग जिले की ग्राम पंचायत किमाणा के पैज गांव के रहने वाले हैं. उनका चयन इजरायल में पोस्ट डॉक्टरल वैज्ञानिक के पद पर हुआ है. उनकी ये सफलता युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है.
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फेल होकर आयी अकल
मंजीत यहां तक ऐसे ही नहीं पहुंच गए. उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा प्राइमरी स्कूल पैंज से की. उसके बाद उन्होंने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की पढ़ाई जीआईसी ऊखीमठ से पूरी की. 2009 में वो इंटरमीडिएट परीक्षा के अपने पहले प्रयास में नाकामयाब रहे. यही उनके जीवन का महत्वपूर्ण मोड़ था. उन्होंने इस असफलता को एक चुनौती के रूप में लिया और अगले साल 2010 में उन्होंने उत्तराखंड बोर्ड से 12वीं की परीक्षा पास की.
चल पड़ा अकेला
बस उसके बाद मंजीत ने पीछे मुड़कर नहीं देखा. उच्च शिक्षा के लिए 2010 में उनका चयन इंस्पायर फेलोशिप के लिए हुआ और उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा गढ़वाल विश्वविद्यालय श्रीनगर से शुरू की. 2011 में उन्होंने बीएससी प्रथम वर्ष में प्रथम स्थान हासिल किया. 2013 में उन्होंने स्नातक की डिग्री और 2015 में गढ़वाल विश्वविद्यालय श्रीनगर से रसायन विज्ञान में मास्टर डिग्री पूरी की. मास्टर डिग्री के बाद, कैंपस सेलेक्शन के जरिए उन्हें अजीम प्रेमजी फाउंडेशन में काम करने का मौका मिला.
ऐसे मिली कामयाबी
मंजीत लगातार पढ़ाई में लगे रहे. उन्होंने नेट-जेआरएफ और गेट परीक्षा पास करने के बाद वर्ष 2017 में पीएचडी के लिए भारत के सर्वश्रेष्ठ शोध संस्थान (आईआईएसईआर पुणे) में शामिल हो गए, यहां उन्होंने प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय पीयर-जर्नल में 10 शोध पत्र प्रकाशित किए. साल 2024 में रसायन विज्ञान में पीएचडी की. उनके शोध कार्य के आधार पर उन्हें रसायन-जीव विज्ञान में तेल-अवीव विश्वविद्यालय इज़राइल में पोस्ट डॉक्टरल वैज्ञानिक के रूप में चुना गया. मंजीत 25 या 26 फरवरी को पुणे से इजरायल के लिए रवाना होंगे.
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FIRST PUBLISHED : February 8, 2024, 17:34 IST