Chamoli News : चमोली को सौ फीसदी साक्षर बनाने को समर्थ गांव योजना शुरू, जिले में पुरूष और महिला साक्षरता में है बड़ा अंतर


सोनिया मिश्रा/चमोली. उत्तराखंड का चमोली जिला साक्षरता श्रेणी में राज्य में तीसरे नंबर पर पर आता है. और जिले की साक्षरता दर 82.85 है. जिसे देखते हुए चमोली जिला प्रशासन ने ‘समर्थ गांव योजना’ के माध्यम से एक नई पहल शुरू की है. जिसमें की गांव और नगर क्षेत्रों में निरक्षर लोगों को साक्षर बनाया जाएगा.दरअसल चमोली जिले को शत प्रतिशत साक्षर जिला बनाने के लिए चमोली प्रशासन द्वारा समर्थ गांव योजना शुरू की है. जिसमें की गांव से लेकर शहरों तक के अनपढ़ लोगों को ट्रेनिग देने के लिए ट्रेनरों की नियुक्ति की गई है.

योजना को साकार बनाने के उद्देश्य से मास्टर ट्रेनरों को विशेष ट्रेनिग भी दी जा रही है. प्रशिक्षण कार्यशाला को शुरू करते हुए समर्थ गांव की सोच को साकार करने के लिए जिलाधिकारी ने कहा कि सामाजिक विकास के लिए समर्थ गांव योजना शुरू की गई है. जिसमें की निरक्षर व्यक्ति पढ़ना और गणना सीखकर साक्षर बन सकेंगे. ताकि वह अपने अधिकारों, सरकार से मिलने वाले लाभ व स्वयं के द्वारा किए जाने वाले कार्यों के प्रति जागरूकता के साथ काम कर सकें.

जिलाधिकारी ने प्रौढ़ शिक्षा मॉड्यूल का किया विमोचन
जिलाधिकारी ने कहा कि समर्थ गांव योजना एक समयबद्व योजना है. जनपद की शत प्रतिशत साक्षरता के लिए इस योजना को एक जन आंदोलन बनाकर कार्य किया जाए. साथ ही जिलाधिकारी ने अजीम प्रेमजी फाउडेशन द्वारा समर्थ गांव योजना हेतु तैयार किए गए प्रौढ़ शिक्षा मॉड्यूल का विमोचन भी किया.

सौहार्दपूर्ण वातावरण में साक्षर बनाने का होगा प्रयास
मुख्य विकास अधिकारी डा.ललित नारायण मिश्र ने कहा कि समर्थ गांव योजना जनपद को शत प्रतिशत साक्षर जिला बनाने हेतु समर्पित है. यह एक सहभागी एवं स्वयंसेवी योजना है. उन्होंने कहा कि योजना में ज्ञान मित्र के रूप में कार्य करने वाली आंगनबाडी कार्यकर्ता, सहायिका, शिक्षक, विद्यार्थी, स्वयंसेवी संस्थाओं से जुड़े व्यक्ति एवं सुधीजन पूरी लगन एवं प्रयास से योजना सफल बनाने में सहयोग करें. निरक्षर व्यक्तियों की सुविधा के अनुसार उनके परिवेश में ही घुल मिलकर सौहार्दपूर्ण वातावरण में उनको साक्षर बनाया जाए.

पुरूष और महिला साक्षरता दर में 21 प्रतिशत का अंतर
मुख्य शिक्षा अधिकारी कुलदीप गैरोला ने समर्थ गांव योजना के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि साक्षरता दर के हिसाब से जनपद चमोली उत्तराखंड राज्य में तीसरे स्थान पर है. जनपद की कुल साक्षरता दर 82.85 प्रतिशत है जिसमें पुरूष साक्षरता 94.35 तथा महिला साक्षरता 73.20 प्रतिशत है. पुरूष और महिला साक्षरता दर में 21 प्रतिशत का अंतर है. इस गैप को दूर करने के साथ ही जिले को शत प्रतिशत साक्षर जिला बनाने के लिए जिलाधिकारी के प्रयासों से समर्थ गांव योजना शुरू की गई है.

सर्वे के माध्यम से लोगों को किया गया चिन्हित
मुख्य शिक्षा अधिकारी कुलदीप गैरोला ने बताया कि बीएलओ एवं आंगनबाडी कार्यकत्रियों के माध्यम से प्रत्येक गांव में सर्वे कर ऐसे लोगों को चिन्हित कर लिया गया है. साथ ही ज्ञान मित्रों को प्रशिक्षित करने के लिए प्रत्येक ब्लाक में मास्टर ट्रेनर रहेंगे. अजीम प्रेमजी फाउडेशन द्वारा प्रौढ़ शिक्षा मॉडयूल तैयार किया गया है. जिला एवं ब्लाक स्तर पर कोर कमेटी के माध्यम से साक्षरता कार्यक्रम का नियमित अंतराल पर पर्यवेक्षण भी किया जाएगा.

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