Former Chief Minister Gehlot extended best wishes on International Literacy Day
जयपुर। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने देश और प्रदेशवासियों को अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस पर सभी को शुभकामनाएं दी हैं। गहलोत ने कहा है कि राजस्थान जैसे विषम भौगोलिक परिस्थितियों वाले प्रदेश में साक्षरता का प्रसार एक चुनौती थी, जिसे हमने कई नवाचारों के साथ बेहतर करने का कार्य किया। राजीव गांधी पाठशालाओं के माध्यम से गांव-ढाणी तक स्कूल खोले गए।
गहलोत ने कहा कि हर ग्राम पंचायत पर एक उच्च माध्यमिक विद्यालय खोलने की नीति से गांव में ही उच्च माध्यमिक शिक्षा सुनिश्चित करने का प्रयास किया। आरटीई के तहत 12वीं कक्षा तक में शिक्षा निशुल्क की गई। राजकीय विद्यालयों में निशुल्क शिक्षण सामग्री, गणवेश एवं मिड डे मील तथा दूध शुरू किया गया। महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम स्कूलों से अंग्रेजी भाषा में भी शिक्षा का प्रसार किया गया। हमारी सरकार के समय किए गए नवाचारों से राजस्थान की साक्षरता दर तेजी से बढ़ी है। हम सभी को इसे 100 प्रतिशत करने का प्रयास करना चाहिए।