Tag: हिंदी दिवस

Hindi Diwas Wishes: सभी को भेजिए हिंदी दिवस की शुभकामनाएं, अपनी हिंदी भाषा पर होने लगेगा गर्व

Hindi Diwas 2024: भारत के ऐसे कई राज्य हैं जहां हिंदी लोगों की पहली भाषा है. बच्चा जन्म के बाद से ही पहले हिंदी में बोलना सीखता है और फिर दूसरी भाषाएं लिखता-पढ़ता है. अक्सर देखा जाता है कि स्कूलों या विद्यालयों समेत ऑफिस वगैरह में भी हिंदी के बजाय इंग्लिश को ज्यादा तवज्जोह दी जाती है. हिंदी (Hind) बोलने वाले लोगों को इंग्लिश बोलने वालों के आगे कमतर समझा जाता है. ऐसे में हिंदी दिवस मनाने का महत्व और अधिक बढ़ जाता है. हर साल 14 सितंबर के दिन हिंदी दिवस मनाया जाता है. हिंदी दिवस मनाने का मकसद ... Read more

जो हर भाषा पर पड़े भारी… स्कूली बच्चे ने सुनाई ऐसी कविता, सुनकर खड़े हो जाएंगे रोंगटे, हिंदी भाषा पर करेंगे गर्व

बच्चे ने हिंदी में सुनाई ऐसी कविता, लोग तारीफ करने पर हुए मजबूर आज का दौर वो दौर है जब ज्यादा से ज्यादा पेरेंट्स चाहते हैं कि उनका बच्चा इंग्लिश मीडियम स्कूल में पढ़े और चार लोगों के बीच फर्राटेदार अंग्रेजी बोलकर उनका सिर शान से ऊंचा कर दे. हिंदी मीडियम स्कूल में आमतौर पर वही बच्चे पढ़ रहे हैं जिनके पेरेंट्स या तो महंगी शिक्षा अफोर्ड नहीं कर सकते या उनकी पहुंच में ऐसे स्कूल्स नहीं है. लेकिन एक बच्चे का वायरल वीडियो देखकर आप अपनी सोच बदलने पर मजबूर हो जाएंगे. इस वायरल वीडियो में ये बच्चा ऐसी ... Read more

BLOG : हिंदी में तेजी से फैल रहे इस 'वायरस' से बचना जरूरी है!

हिंदी पखवाड़ा चल रहा है. हिंदी की हालत को लेकर रोने-गाने का सिलसिला भी जारी है. ऐसे में चाहे रस्म-अदायगी के तौर पर ही सही, यह देखा जाना चाहिए कि यह भाषा जा किधर रही है. कहीं ऐसा तो नहीं कि हिंदी के मौलिक ढांचे से ही छेड़छाड़ हो रही हो और हम इसकी नई सूरत देखकर तालियां बजा रहे हों? कहीं इसमें कोई ‘वायरस’ तो नहीं आ गया, जो इसे तेजी से संक्रमित करने पर आमादा हो! दिक्कत क्या है भाई?यहां हिंदी बोलने और लिखने में अंग्रेजी या दूसरी भाषाओं के शब्दों के बढ़ते इस्तेमाल की बात नहीं हो ... Read more

डॉक्टर अमरनाथ झा: अंग्रेजी का वो प्रोफेसर जिसके दिल में रहती थी हिंदी, जहां पढ़े वहीं के कुलपति रहे

नई दिल्ली: प्रोफेसर अमरनाथ झा पूरब का ऑक्सफोर्ड कहे जाने वाले इलाहाबाद विश्वविद्यालय के अंग्रेजी विभाग के प्रमुख थे. लेकिन वो ताउम्र हिंदी को उसका अधिकार दिलाने के लिए प्रयासरत रहें.वो अंग्रेजी के साथ-साथ फारसी, संस्कृत, उर्दू और बंगाली में भी महारत रखते थे.लेकिन उनका विशेष लगाव हिंदी से था. इसे देखते हुए उन्हें राजभाषा आयोग का सदस्य बनाया गया था. कहां के रहने वाले थे अमरनाथ झा शिक्षाविद प्रोफेसर अमरनाथ झा का जन्म बिहार के मधुबनी जिले में 25 फरवरी, 1897 को हुआ था.वो इलाहाबाद विश्वविद्यालय और बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के कुलपति रहे. अमरनाथ झा अपने समय के सबसे योग्य ... Read more