Tag: Hindi Language

भाषा के नाम पर क्यों भिड़े हैं तमिलनाडु और केंद्र सरकार, कितना पुराना है हिंदी विरोधी आंदोलन

नई दिल्ली: स्कूलों में तीन भाषाएं पढ़ाने पर तमिलनाडु और केंद्र की सरकारें आमने सामने आ गई हैं.यह त्रिभाषा फार्मूला  राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) का हिस्सा है.तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने इस नीति को लागू न करने पर केंद्र सरकार पर राज्य का बजट रोकने का आरोप लगाया है. उन्होंने इसको लेकर पीएम नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखा है. उन्होंने पीएम से शिक्षा के अधिकार अधिनियम के प्रावधानों को लागू करने के लिए केंद्र प्रायोजित योजना के लिए लंबित 2,152 करोड़ रुपये जारी करने की मांग की है. तमिलनाडु में सरकार चला रहे डीएमके ने त्रिभाषा फार्मूले को ... Read more

जो हर भाषा पर पड़े भारी… स्कूली बच्चे ने सुनाई ऐसी कविता, सुनकर खड़े हो जाएंगे रोंगटे, हिंदी भाषा पर करेंगे गर्व

बच्चे ने हिंदी में सुनाई ऐसी कविता, लोग तारीफ करने पर हुए मजबूर आज का दौर वो दौर है जब ज्यादा से ज्यादा पेरेंट्स चाहते हैं कि उनका बच्चा इंग्लिश मीडियम स्कूल में पढ़े और चार लोगों के बीच फर्राटेदार अंग्रेजी बोलकर उनका सिर शान से ऊंचा कर दे. हिंदी मीडियम स्कूल में आमतौर पर वही बच्चे पढ़ रहे हैं जिनके पेरेंट्स या तो महंगी शिक्षा अफोर्ड नहीं कर सकते या उनकी पहुंच में ऐसे स्कूल्स नहीं है. लेकिन एक बच्चे का वायरल वीडियो देखकर आप अपनी सोच बदलने पर मजबूर हो जाएंगे. इस वायरल वीडियो में ये बच्चा ऐसी ... Read more

खुद हिन्दी पढ़ें, और बच्चों को देखने दें – बस, सुधर जाएगी हिन्दी की हालत…

बहुत ज़्यादा नहीं, आज से सिर्फ़ 30-40 बरस पहले तक, भारत में, खासतौर से भारत के उत्तरी राज्यों में, ज़्यादातर स्कूली बच्चों के लिए अंग्रेज़ी विषय हुआ करता था, और हिन्दी अपनी भाषा, लेकिन अब दृश्य कुछ पलट गया है… आज की पीढ़ी में बहुत-से बच्चे ऐसे हैं, जिनके लिए हिन्दी सबसे ‘डरावना’ विषय है, और अंग्रेज़ी बेहद आसान… दरअसल, बच्चा जब पैदा होता है, तभी से उसके कानों में जो बोल, जो भाषा सुनाई पड़ती है, उससे लगाव तो स्वाभाविक रूप से हो ही जाता है, वह भाषा समझ भी आसानी से आती है, लेकिन घरों में बोली जाने ... Read more

हिंदी में किया टॉप तो मिलेगा गोल्ड मेडल, नई शिक्षा नीति में भाषा के साथ क्षेत्रीय बोलियों को भी मिली पहचान

कमल पिमोली/श्रीनगर गढ़वाल: आज की युवा पीढ़ी में हिंदी भाषा के प्रति रुचि कम दिखाई दे रही है. इस प्रवृत्ति का प्रकटीकरण हुआ है उत्तराखंड बोर्ड की 2023 की उच्च विद्यालय और इंटरमीडिएट परीक्षा के परिणामों में, जहां अधिकांश 9,000 छात्र हिंदी विषय में असफल रहे. वैसे ही, विश्वविद्यालयों में उच्च शिक्षा की पढ़ाई करने वाले छात्रों में भी हिंदी को महत्वपूर्ण विषय के रूप में प्राथमिकता देने की ओर रुचि की कमी दिखाई देती है. छात्रों के बीच हिंदी विषय के प्रति जागरूकता और रुचि को बढ़ावा देने की आवश्यकता को महसूस करते हुए, गढ़वाल विश्वविद्यालय ने महत्वपूर्ण कदम ... Read more