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कर्पूरी ठाकुर: मसीहा अति पिछड़ों के,आरक्षण दिया सर्वर्णों को !
मशहूर शायर मुनव्वर ख़ान ग़ाफ़िल का एक शेर है- जीते-जी क़द्र बशर की नहीं होती साहब, याद आएगी तुम्हें मेरी वफ़ा मेरे बाद …कुछ ऐसी ही शख्सियत थी बिहार के दो बार मुख्यमंत्री रहे जन नायक कर्पूरी ठाकुर की. वो ऐसे दूरदर्शी नेता थे जो समय से आगे की सोच लेते थे. तभी तो उनके शरीर छोड़ने के चार दशक बाद देश के PM नरेन्द्र मोदी और बिहार के CM नीतीश कुमार ने वे फैसले लिए जिसकी बुनियाद कर्पूरी बाबू ने ही रखी थी…पिछड़ों की सियासत के इस युग में कोई सवर्णों के आरक्षण के बारे में सोचता है तो ... Read more