Tag: शारदा सिन्हा का मायका हुलास
भाभियों से हंसी-मजाक और विदाई लेकर गई थीं… छठ पर नम आंखों से बेटी शारदा को याद कर रहा गांव
शारदा सिन्हा, सिर्फ एक नाम नहीं बल्कि संपूर्ण बिहार की पहचान हैं. बिहार की परंपराओं और पारंपरिक पर्वों की पहचान हैं. अब तक ऐसा नहीं हो सका कि बिहार के किसी घर में शादी-ब्याह की तैयारी चल रही हो और उस आंगन में शारदा सिन्हा के गीत नहीं बज रहे हों. बरबस यही बाध्यता लोक आस्था के महापर्व छठ सहित सामा चकेबा, मुंडन जैसी परंपराओं में भी रही है. यह कहने में कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी कि ऐसे अवसरों पर शारदा सिन्हा के गीत सुनने और बजाने की परंपरा हमेशा बनी रहेगी. यह कहने में भी कोई गुरेज नहीं है ... Read more