Uttarakhand News: उत्तरकाशी दूसरा जोशीमठ! लगातार जमीन धंसने से दहशत में लोग, आंदोलन की तैयारी


बलबीर परमार


उत्तरकाशी. चिन्यालीसौड़ नगर क्षेत्र के साथ ही आसपास की बस्ती पर भूस्खलन का खतरा मंडरा रहा है. उत्तराखंड के उत्तरकाशी में टिहरी बांध परियोजना की झील से चिन्यालीसौड़ क्षेत्र में भू धंसाव के चलते जमीन लगातार धंस रही है. भू धंसाव से हवाई पट्टी के पास नेशनल हाईवे समेत स्कूलों व आवासीय भवनों पर लंबी और चौड़ी दरारें उभर आई हैं. माना जा रहा है कि अगर इसी तरह भू धंसाव होता रहा, तो यहां भी जोशीमठ जैसे हालात बन सकते हैं. स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से सुरक्षात्मक उपायों पर अमल करने की मांग की है.

दरअसल, नगर पालिका परिषद चिन्यालीसौड़ क्षेत्र के अंतर्गत सामरिक दृष्टि से अति महत्वपूर्ण हवाई पट्टी से ठीक नीचे लगभग 500 मीटर राष्ट्रीय राजमार्ग 94 पर पीपलमंडी, चिन्यालीसौड़, नागणीसौड़ व बड़ेथी तक लगभग 5 किलोमीटर के हिस्से पर भू धंसाव से जगह-जगह लंबी चौड़ी दरारें उभर आई हैं.

कई स्थानों पर आधा फुट तक जमीन धंसी है, जिससे हवाई पट्टी सहित यहां स्थित ऊर्जा निगम, वन विभाग, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सहित तमाम प्राइवेट व राजकीय विद्यालय भवन, बिजल्वाण मोहल्ला, चिन्यालीसौड़ बाजार, वाल्मीकि बस्ती, बड़ी-छोटी नागणी, हिटारा, पीपल मंडी, कृषि विज्ञान केंद्र, स्टेट बैंक पीडब्ल्यूडी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, ऊर्जा निगम कार्यालयों, आवासीय भवनों सहित क्षेत्र के बहुत बड़े भू-भाग में बड़े भू धंसाव का खतरा मंडरा रहा है.

अब तक नहीं ली किसी अफसर ने सुध!

स्थानीय लोगों में दहशत भी है. टिहरी बांध प्रशासन के साथ ही स्थानीय प्रशासन से लोगों ने सुरक्षात्मक उपायों पर अमल करने की मांग की है. पूर्व पालिकाध्यक्ष व सामाजिक कार्यकर्ता सुमन बडोनी ने बताया कि चिन्यालीसौड़ नगर क्षेत्र की भूगर्भीय जांच की मांग को लेकर वे कई बार विभागीय अधिकारियों और जिलाधिकारी से भी मिल चुके हैं, लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ.

अब उन्होंने अल्टीमेटम दिया है कि यदि एक माह के अंतर्गत समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो वे शहर की सुरक्षा के लिए सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेंगे. वहीं, जिला प्रशासन ने इस बारे में जल्द सर्वे कराने और इसका स्थाई समाधान निकालने की बात कही है.

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