उत्तराखंडः सटीक अनुमान में मौसम विभाग फेल, दून में बारिश से भारी तबाही; हरिद्वार में गंगा खतरे के निशान पर


देहरादून. समय से स्कूलों में छुट्टी घोषित नहीं की जा सकी, कैबिनेट मंत्रियों और विधायकों को अपने पूर्व नियत कार्यक्रम रद्द कर तबाही के शिकार घटनास्थलों पर जाना पड़ा और आम लोगों को जो मुसीबत हुई, सो तो हुई ही. ये सब इसलिए हुआ क्योंकि मौसम विभाग सटीक भविष्यवाणी देने में एक बार फिर फिसड्डी साबित हुआ. भारी बारिश के अलर्ट में देहरादून को शामिल नहीं किया गया था, जबकि यहां भारी तबाही हुई है. कहीं बादल फट गया है, तो कहीं कोई गांव डूब गया है. सड़कें और पुल धराशायी हो रहे हैं. यहां नदियां भी उफन रही हैं. इसी तरह अलर्ट में हरिद्वार का ज़िक्र भी नहीं था, लेकिन यहां भी गंगा विकराल रूप में दिख रही है.

पहले आपको दून में हो रही तबाही के बारे में बताते हैं. रायपुर क्षेत्र के सरखेत गांव में रात करीब पौने तीन बजे भारी बारिश के बीच बादल फटने से चार से पांच घरों में मलबा घुस गया. एक रिसॉर्ट बह गया, तो सरखेत के प्रधान के अनुसार ग्राम बेसवाड़ में दो मकान बह गए. यहां कुछ मवेशी भी पानी के तेज बहाव में बहे. सूचना मिलते ही रात एसडीआरएफ की टीम मौके के लिए रवाना हुई लेकिन, मालदेवता के पास सड़क बंद होने के कारण टीम को पैदल ही गांव तक जाना पड़ा. इधर, तेज बारिश से रायपुर से जौलीग्रांट जाने वाले हाईवे पर पुल टूटने से रूट डायवर्ट किया जा रहा है.

दून में तबाही के मंज़र और भी हैं. तेज बारिश से भारी नुकसान की खबरें लगातार आ रही हैं और दून से सटे टिहरी ज़िले के बाॅर्डर इलाके भी प्रभावित हैं. सकलाना पट्टी के घेना और ताल गांव में बांदल नदी के उफान से पानी घुस गया. गांव जलमग्न हुआ तो लोगों ने बमुश्किल अपनी जान बचाई. वहीं, मसूरी के प्रसिद्ध केम्प्टी फाॅल से भी पर्यटकों व दुकानदारों को हटाया गया और उत्तराखंड पुलिस ने लोगों को झरने के पास जाने से मना किया.

मंत्री जी मौके पर और स्कूलों में छुट्टी

उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी पूर्व निर्धारित तमाम कार्यक्रम रद्द कर प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं. कुछ और विधायक भी अपने क्षेत्रों में लोगों के संपर्क में हैं. लोक निर्माण विभाग के चीफ इंजीनियर एयाज अहमद के अनुसार रायपुर में सड़क का करीब चालीस मीटर हिस्सा पूरी तरह वॉश आउट हो गया. इधर, ऋषिकेश-देहरादून मार्ग पर रानीपोखरी में जाखन नदी पर बनाई गई अस्थायी सड़क भी पानी में बह गई.

रायपुर से जॉलीग्रांट के बीच टूटे पुल का जायज़ा लेने मौके पर विधायक उमेश शर्मा काऊ पहुंचे हैं. सीएम पुष्कर सिंह धामी सरखेत का निरीक्षण कर सकते हैं. इधर, टिहरी ज़िले के जौनपुर ब्लॉक के कई गांवों में नुकसान हुआ है. रगड़ गांव में मवेशियों के मलबे में दबे होने की सूचना है तो नदी किनारे 3 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया है. ऋषिकेश बद्रीनाथ हाइवे तोता घाटी के पास मलबा आने से बंद हो गया है.

असल में मौसम विभाग ने देहरादून, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल, चंपावत व बागेश्वर जिलों के लिए तेज बारिश का अलर्ट जारी किया है. हालांकि विभाग अभी भी सटीक अनुमान लगाने में फिसड्डी दिख रहा है. पूर्व में जारी मौसम भविष्यवाणी में तेज बारिश वाले जिलों में देहरादून व हरिद्वार ज़िले शामिल नहीं थे. दून में शुक्रवार रात से ही तेज बारिश से तबाही का सिलसिला जारी है. इस तरह की भविष्यवाणी के चलते स्कूलों ने भी छुटटियां नहीं की, लेकिन शनिवारसुबह कई स्कूलों ने सुरक्षा की दृष्टि से छुट्टी घोषित कर दी.

सतर्क रहें! नदियों में बाढ़ का खतरा

दून में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण टपकेश्वर महादेव मंदिर के पास बहने वाली तमसा नदी ने आज शनिवार को विकराल रूप धारण कर लिया है. वहीं, ऋषिकेश और हरिद्वार में बारिश से गंगा का जलस्तर बढ़ गया है. वाॅर्निंग लेवल पर बह रही गंगा खतरे के निशान के करीब पहुंच गई है. अफसर भीमगोड़ा बैराज पर नजर बनाए हुए हैं और गंगा किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क किया जा रहा है. 294 मीटर पर खतरे का निशान है और गंगा यहां 293.70 मीटर पर बह रही है.

टिहरी ज़िले में भी भारी बारिश से नैलचामी नदी उफान पर है. यहां सिरपुंडोली गांव में भारी बारिश से खेती को नुकसान हुआ है तो नदी किनारे कटाव हो रहा है. रायपुर कुमालडा क्षेत्र में बादल फटने के बाद सोंग नदी भी उफान पर है. नैनीताल, उत्तरकाशी, बागेश्वर और चमोली ज़िलों में भी नदी नाले उफान पर बताए जा रहे हैं और किनारों पर रहने वालों को सतर्क रहने की हिदायतें दी जा रही हैं.
(सतेंद्र बर्तवाल, पुलकित शुक्ला व सौरभ सिंह के अतिरिक्त इनपुट्स)

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