उत्तराखंड का ये कैसा स्कूल? जर्जर छत, क्षतिग्रस्त दीवारें! मौत के साए में पढ़ते मजबूर छात्र


कमल पिमोली/ पौड़ी गढ़वाल. उत्तराखंड का शिक्षा महकमा भले ही शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लाख दावे कर रहा है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है. पौड़ी जिले के नैनीडांडा ब्लॉक के हल्दुखाल स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय जर्जर हो गया है. यहां नौनिहाल मौत के साये में पढ़ने को मजबूर हैं. यहां सिर्फ स्कूल भवन की स्थिति जर्जर नहीं बनी हुई है, बल्कि संकुल संसाधन केन्द्र भी अपने बदहाली के दिन गिन रहा है.

उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में सरकारी शिक्षा व्यवस्था की बदहाली किसी से छिपी नहीं है. कहीं छात्रों को पढ़ाने के लिए शिक्षकों की कमी है, तो कहीं पर्याप्त शिक्षकों के सापेक्ष छात्र संख्या ही नहीं है. पौड़ी जिले में कई ऐसे सरकारी स्कूल के भवन हैं, जो जर्जर हो चुके हैं. अगर इन भवनों का पुनःनिर्माण नहीं करवाया गया, तो ये कभी भी किसी बड़े हादसे की वजह बन सकते हैं.

जान हथेली पर लेकर छात्र पढ़ने को मजबूर
राजकीय प्राथमिक विद्यालय हल्दुखाल और संकुल संसाधन केंद्र दोनों जर्जर हालत में हैं. बीते 7 सालों से यहां भवन की मरम्मत की मांग उठाई जा रही है, लेकिन 7 साल बीत जाने के बाद भी शिक्षा विभाग ने जर्जर भवनों की हालत सुधारने की कभी भी जहमत तक नहीं उठाई. अब आलम यह है कि जर्जर छत के नीचे ही नौनिहाल जान हथेली में लेकर पढ़ने को मजबूर हैं. राजकीय प्राथमिक विद्यालय हल्दुखाल के प्राचार्य अशोक कुमार शाह ने जानकारी देते हुए बताया कि स्थानीय विधायक द्वारा दो लाख रुपये की धनराशि विद्यालय को दी गई थी, लेकिन बजट की कमी का हवाला देते हुए वह पैसे भी खर्च नहीं हुए. वह बताते हैं कि भवन में छात्रों को पढ़ाने में भी डर लगता है.

स्कूल की दीवारें क्षतिग्रस्त
राजकीय प्राथमिक विद्यालय हल्दुखाल के भवन की छत व दीवारों में दरारें पड़ चुकी हैं. छत से सीमेंट की परत गिर रही है. दीवारें इतनी खोखली हो चुकी हैं कि कभी भी भरभरा कर गिर सकती हैं. जिस कारण छात्रों को अंदर बैठकर पढ़ाई करने से डर लगता है. शिक्षा विभाग के अधिकारी स्थिति से वाकिफ हैं, लेकिन फिर भी स्कूल की स्थिति जस की तस बनी हुई है.

जर्जर स्कूलों की सूची तैयार कर रहा विभाग
प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी पौड़ी संवेद आलम ने बताया कि उप शिक्षा अधिकारी से हल्दुखाल विद्यालय की स्थिति की जानकारी ली गई है. सरकार द्वारा पौड़ी जिले के जर्जर हो चुके स्कूलों को चिह्नित कर उनकी सूची आरडब्लूडी विभाग व शिक्षा विभाग को भेजी जानी है. जिसके बाद निष्क्रिय हो चुके भवनों का पुनर्निर्माण व जर्जर भवनों के मेंटेनेंस का कार्य शुरू किया जाएगा.

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