Tag: Education department of Uttarakhand

पिथौरागढ़ में खुली भूगोल की पहली लैब, पढ़ाई के साथ प्रैक्टिकल से सीखेंगे छात्र

पिथौरागढ़. उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में अब छात्र भूगोल की पढ़ाई करने के साथ प्रैक्टिकल के जरिए भी विषय की बारीकियां सीख सकेंगे. जिले में भूगोल की पहली प्रैक्टिकल लैब डाइट डीडीहाट में स्थापित की गई है, जो यहां छात्रों को भूगोल के प्रति रुचि बढ़ाने में मदद करेगी, साथ ही विषय के सभी टॉपिक को छात्र प्रैक्टिकल के माध्यम से आसानी से समझ सकेंगे. जिला शिक्षा प्रशिक्षण संस्थान डीडीहाट में भूगोल की पहली लैब स्थापित हुई है, जो जिले के सभी स्कूलों के छात्रों के लिए खुली है. यहां पहले टीचरों को भूगोल के प्रैक्टिकल की ट्रेनिंग दी जा ... Read more

गजब! 21वीं सदी में बच्चों को विज्ञान की पढ़ाई नसीब नहीं, गांव छोड़ने को मजबूर

पिथौरागढ़. उत्तराखंड के पहाड़ों में सरकारी स्कूलों की हालत किसी से छिपी नहीं है. साल दर साल पहाड़ों में सरकारी स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था बेहतर होने के बजाय गर्त में ही जाते रही है. बात पिथौरागढ़ जिले की करें, तो यहां कई स्कूलों में टीचरों की भारी कमी है, जिसके चलते कई गांव पलायन करने को भी मजबूर हो गए हैं. आज हम राजकीय इंटर कॉलेज सल्ला चिंगरी की बात कर रहे हैं, जहां इंटरमीडिएट में विज्ञान विषय का संचालन ही नहीं होता है, जिस कारण परिजन अपने बच्चों को पढ़ाने के लिए पलायन करने को मजबूर हो रहे हैं. ... Read more

OMG! उत्तराखंड के 400 से अधिक स्कूलों में केवल एक टीचर, कई बंद होने की कगार पर

हिमांशु जोशी/ पिथौरागढ़: उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा का रिजल्ट घोषित होने के बाद सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था भी सामने आई है. पिथौरागढ़ जिले की बात करें तो यहां ऐसे कई सरकारी स्कूल हैं, जहां शिक्षक ही मौजूद नहीं हैं. कुछ चंद स्कूलों को छोड़ दिया जाए तो अन्य सभी स्कूल बिना प्रधानाचार्य के चल रहे हैं. तो वहीं, सिर्फ एक टीचर के सहारे चलने वाले स्कूलों की संख्या भी काफी ज्यादा है. 439 स्कूलों में मात्र एक टीचरशिक्षा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, पिथौरागढ़ जिले में 68 इंटरमीडिएट कॉलेज हैं. इनमें से लड़कियों के लिए 7 हैं. इसके अलावा ... Read more

पिथौरागढ़ जिले के सरकारी स्कूलों में सिर्फ 13 प्रधानाचार्य, इन विकासखंडों में अब बाबू संभालेंगे स्कूल की कमान

हिमांशु जोशी/ पिथौरागढ़. उत्तराखंड के पहाड़ी जिलों में सरकारी स्कूलों की हालत समय के साथ खस्ताहाल होते जा रही है. शिक्षकों को कमी से लगातार सरकारी स्कूलों से जनता का मोहभंग हो रहा है, जिसका असर यह हुआ है कि पहाड़ के अधिकांश दूरदराज वाले इलाकों में छात्र संख्या 10 से कम और कई जगह तो शून्य हो गई है. शिक्षा महकमा सरकारी स्कूलों की स्थिति को सुधारने के लिए अभी तक कोई ठोस नीति नहीं बना सका है. हालात तो यह है कि स्कूल में सबसे महत्वपूर्ण पद प्रधानाचार्य का होता है, जिसका पिथौरागढ़ जिले में काफी टोटा है. ... Read more

उत्तराखंड का ये कैसा स्कूल? जर्जर छत, क्षतिग्रस्त दीवारें! मौत के साए में पढ़ते मजबूर छात्र

कमल पिमोली/ पौड़ी गढ़वाल. उत्तराखंड का शिक्षा महकमा भले ही शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लाख दावे कर रहा है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है. पौड़ी जिले के नैनीडांडा ब्लॉक के हल्दुखाल स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय जर्जर हो गया है. यहां नौनिहाल मौत के साये में पढ़ने को मजबूर हैं. यहां सिर्फ स्कूल भवन की स्थिति जर्जर नहीं बनी हुई है, बल्कि संकुल संसाधन केन्द्र भी अपने बदहाली के दिन गिन रहा है. उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में सरकारी शिक्षा व्यवस्था की बदहाली किसी से छिपी नहीं है. कहीं छात्रों को पढ़ाने के लिए ... Read more

विभाग ने बंद किया 123 साल पुराना सरकारी स्कूल, ग्रामीणों ने जबरन खुलवाया

जिले में सिर्फ सिरपोली ही नहीं और भी ऐसे कई स्कूल हैं जहां  शिक्षा विभाग समय के साथ ना तो इन विद्यालयों के भवन सुधार पाया है और ना ही यहां की शिक्षा व्यवस्था को, जिससे आज पहाड़ों में आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा देना एक बड़ी चुनौती बन गया है.

Pithoragarh: सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी, छात्र महत्वपूर्ण विषयों में बिना टीचर के देंगे बोर्ड परीक्षा

शिक्षकों की कमी को पूरा करने के लिए रोटेशन व्यवस्था की गई है जिसमें एक शिक्षक ही आसपास के अन्य स्कूलों में भी बच्चों को पढ़ा सके.