Tag: पिथौरागढ़ न्यूज
उफ्फ! चांद पर पहुंच गई दुनिया और यहां आज भी गरारी से पुल पार करते हैं बच्चे, रोज डालते हैं जान जोखिम में
Agency:News18 Uttarakhand Last Updated:January 29, 2025, 15:31 IST Pithoragarh: आज के आधुनिक समय में जब दुनिया कहां से कहां पहुंच रही है, ऐसे में पिथौरागढ़ में गौरी नदी पर पुल तक नहीं है. यहां के लोगों, यहां तक कि बच्चों को जान जोखिम में डालकर नदी पार करने के लिए गरारी से आना-…और पढ़ें तहसीलदार को ज्ञापन देते ग्रामीण हाइलाइट्स पिथौरागढ़ में पुल न होने से लोग गरारी से नदी पार करते हैं. ग्रामीणों ने पक्का पुल बनाने की मांग की है. पुल न बनने पर ग्रामीण आंदोलन की चेतावनी दे रहे हैं. पिथौरागढ़: उत्तराखंड में पिथौरागढ़ के घुरुड़ी और ... Read more
पिथौरागढ़ में खुली भूगोल की पहली लैब, पढ़ाई के साथ प्रैक्टिकल से सीखेंगे छात्र
पिथौरागढ़. उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में अब छात्र भूगोल की पढ़ाई करने के साथ प्रैक्टिकल के जरिए भी विषय की बारीकियां सीख सकेंगे. जिले में भूगोल की पहली प्रैक्टिकल लैब डाइट डीडीहाट में स्थापित की गई है, जो यहां छात्रों को भूगोल के प्रति रुचि बढ़ाने में मदद करेगी, साथ ही विषय के सभी टॉपिक को छात्र प्रैक्टिकल के माध्यम से आसानी से समझ सकेंगे. जिला शिक्षा प्रशिक्षण संस्थान डीडीहाट में भूगोल की पहली लैब स्थापित हुई है, जो जिले के सभी स्कूलों के छात्रों के लिए खुली है. यहां पहले टीचरों को भूगोल के प्रैक्टिकल की ट्रेनिंग दी जा ... Read more
पहाड़ नहीं चढ़ना चाहते डॉक्टर? 110 पदों पर इंटरव्यू, 10 पहुंचे, 2 जॉइन करेंगे
पिथौरागढ़. उत्तराखंड के सीमांत जिले पिथौरागढ़ में बेस अस्पताल को शुरू हुए डेढ़ साल से ज्यादा का समय हो गया है, लेकिन अभी भी इसके हालात सुधर नहीं पाए हैं. एक तरफ जहां जिला अस्पताल में हर रोज रोगियों की भीड़ उमड़ रही है, तो करोड़ों की लागत से बना बेस अस्पताल सुनसान पड़ा है. ओपीडी की बात करें तो जिला अस्पताल में हर रोज 800 से अधिक रोगी पहुंच रहे हैं, तो बेस अस्पताल में औसतन 10 से 15 रोगी ही बामुश्किल पहुंच रहे हैं. हाल में ही अस्पताल के लिए 110 पदों पर इंटरव्यू हुए थे लेकिन मात्र ... Read more
आजादी के बाद से सड़क के इंतजार में गांव, डोली ही गांववालों का सहारा
पिथौरागढ़. उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में आज भी कई ग्रामीण इलाकों में सड़क नहीं पहुंच पाई है. बरसात के इस मौसम में पैदल रास्तों की भी स्थिति खराब हो चुकी है. यहां आजादी के बाद से ही अभी तक कई गांव सड़क से नहीं जुड़ पाए हैं. सड़क न जुड़ पाने से ग्रामीण विकास की मुख्यधारा से कोसों दूर हैं. आज हम बात कर रहे हैं धारचूला विधानसभा की बंगापानी तहसील के मैथली गांव की, जो आज तक सड़क से नहीं जुड़ पाया है. इस कारण इस क्षेत्र की 2000 से ज्यादा की आबादी को खासी दिक्कतों का सामना करना ... Read more
गजब! 21वीं सदी में बच्चों को विज्ञान की पढ़ाई नसीब नहीं, गांव छोड़ने को मजबूर
पिथौरागढ़. उत्तराखंड के पहाड़ों में सरकारी स्कूलों की हालत किसी से छिपी नहीं है. साल दर साल पहाड़ों में सरकारी स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था बेहतर होने के बजाय गर्त में ही जाते रही है. बात पिथौरागढ़ जिले की करें, तो यहां कई स्कूलों में टीचरों की भारी कमी है, जिसके चलते कई गांव पलायन करने को भी मजबूर हो गए हैं. आज हम राजकीय इंटर कॉलेज सल्ला चिंगरी की बात कर रहे हैं, जहां इंटरमीडिएट में विज्ञान विषय का संचालन ही नहीं होता है, जिस कारण परिजन अपने बच्चों को पढ़ाने के लिए पलायन करने को मजबूर हो रहे हैं. ... Read more
खुद का भविष्य बचाने आगे आए पहाड़ के बच्चे, सरकार की यह मांग
पिथौरागढ़: कहते हैं कि शिक्षा और शिक्षक समाज को आगे बढ़ाने का काम करते हैं, लेकिन उत्तराखंड के पहाड़ों में बिना शिक्षक के हीं छात्रों की पढ़ाई चल रही है. परेशान छात्र अब खुद अपने भविष्य को बचाने आगे आएं हैं. अब ऐसे में छात्रों का भविष्य कैसे बनेगा? ये सोचने वाली बात है. दरअसल, उत्तराखंड के दूरस्थ पहाड़ी इलाकों के बच्चों को शिक्षा से जोड़ने के लिए सरकारी स्कूल खोले गए. समय के साथ इन स्कूलों के माहौल भी बेहतर होते जाना था, लेकिन हुआ इसका उल्टा. धीरे-धीरे पहाड़ के सरकारी स्कूलों के हालत खस्ताहाल होते जा रहे हैं. ... Read more
8km पैदल…बीच में जंगली जानवरों से खतरा; छात्रों ने बताया दर्द, कहा- Plzz हमारे गांव में स्कूल खोल दो
हिमांशु जोशी/पिथौरागढ़: जनपद पिथौरागढ़ के विकासखंड मुनस्यारी के गांव जोशा, गांधीनगर में स्कूली बच्चे इस कदर मजबूर हो चुके हैं कि वह अब आगे की पढ़ाई नहीं करना चाहते. वजह भी जायज है, क्योंकि पांचवी के बाद उन्हें 4 किलोमीटर दूर जंगलों के रास्ते दूसरे स्कूल पहुंचना होगा. आगे की पढ़ाई के लिए इन छात्रों को 8 किलोमीटर दूर जंगलों के रास्ते जाना पड़ेगा. मुनस्यारी के इस गांव में सिर्फ पांचवी तक के लिए स्कूल है, जहां इस सत्र में 7 बच्चे पास हुए हैं. अब आगे की पढ़ाई के लिए इन्हें दूसरे गांव में जाना पड़ेगा, जो 4 किलोमीटर ... Read more
OMG! उत्तराखंड के 400 से अधिक स्कूलों में केवल एक टीचर, कई बंद होने की कगार पर
हिमांशु जोशी/ पिथौरागढ़: उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा का रिजल्ट घोषित होने के बाद सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था भी सामने आई है. पिथौरागढ़ जिले की बात करें तो यहां ऐसे कई सरकारी स्कूल हैं, जहां शिक्षक ही मौजूद नहीं हैं. कुछ चंद स्कूलों को छोड़ दिया जाए तो अन्य सभी स्कूल बिना प्रधानाचार्य के चल रहे हैं. तो वहीं, सिर्फ एक टीचर के सहारे चलने वाले स्कूलों की संख्या भी काफी ज्यादा है. 439 स्कूलों में मात्र एक टीचरशिक्षा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, पिथौरागढ़ जिले में 68 इंटरमीडिएट कॉलेज हैं. इनमें से लड़कियों के लिए 7 हैं. इसके अलावा ... Read more
पिथौरागढ़ में बंद हुआ 123 साल ये पुराना स्कूल, ग्रामीणों ने फिर से खुलवाया
हिमांशु जोशी/ पिथौरागढ़. उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में स्थित गांवों से पलायन थमने का नाम नहीं ले रहा है. वजह है कि आज तक राज्य के पहाड़ी जिलों के गांवों में मूलभूत सुविधाएं नहीं पहुंच पाई हैं. एक तरफ जहां पूरा देश समय के साथ तरक्की कर रहा है, वहीं उत्तराखंड के ग्रामीण इलाके ठीक इसके विपरीत बदहाल होते जा रहे हैं. किसी भी क्षेत्र में विकास के लिए सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार महत्वपूर्ण है लेकिन इसमें सबसे जरूरी चीज है शिक्षा, जो इस आधुनिकता के दौर में सबसे जरूरी है. अब उत्तराखंड में विडंबना यह है कि यहां ... Read more
पिथौरागढ़ की बेटी के मुक्के का दम देख दुनिया हैरान, तीसरी बार एशियन चैंपियन बनी निकिता
हिमांशु जोशी/ पिथौरागढ़. उत्तराखंड राज्य के नौनिहालों ने कजाकिस्तान में हुई जूनियर एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप में अपना दम खम दिखाया है. राज्य के सीमावर्ती सुदूर जिले पिथौरागढ़ से पांच नौनिहाल कजाकिस्तान में हुए मुकाबले के लिए चयनित किए गए थे. इन पांचों ने इस प्रतियोगिता में अपना सर्वोत्तम प्रदर्शन दिखाते हुए भारत के लिए पदकों की झड़ी लगा दी. इन सब के बीच एक उभरती सितारा रहीं हैं निकिता चंद (Nikita Chand Pithoragarh). 60 किलो वजन में यूथ चैंपियन बनीं निकिता कजाकिस्तान में आयोजित जूनियर एंड यूथ एशियाई चैंपियनशिप के लिए निकिता चंद को भारतीय टीम में चुना गया था. ... Read more