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उत्तराखंड के सरकारी स्कूलों होगी मशरूम की खेती… 16,000 विद्यालयों में किया जाएगा लागू! जानें कब और कैसे?
Last Updated:January 13, 2025, 13:42 IST Mushroom Farming In Govt Schools Of Uttarakhand : उत्तराखंड में 11,380 प्राथमिक विद्यालय और 2,250 अपर प्राइमरी स्कूल हैं. इस योजना को चरणबद्ध तरीके से सभी स्कूलों में लागू किया जाएगा. देहरादून और टिहरी जिलों में सफलता के बाद यह पहल पूरे उत्तराखंड के लिए…और पढ़ें देहरादून : उत्तराखंड के सरकारी स्कूल केवल पढ़ाई का केंद्र ही नहीं रहेंगे, बल्कि यहां रोजगार की फसल भी लहलहाएगी. प्रदेश सरकार ने एक नई और अनूठी पहल के तहत स्कूल परिसरों में मशरूम की खेती (Mushroom Farming) शुरू करने का फैसला किया है. इस पायलट प्रोजेक्ट की ... Read more
16 में से 13 शिक्षकों के पद खाली…कैसे होगी धारचुला के इस स्कूल में पढ़ाई? अनशन पर ग्रामीण
पिथौरागढ़. उत्तराखंड के पहाड़ों में सरकारी स्कूलों की हालत किसी से छिपी नहीं है. साल दर साल पहाड़ों में सरकारी स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था बेहतर होने के बजाय गर्त में ही जा रही है. बात पिथौरागढ़ जिले की करें तो यहां कई स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी है. स्कूलों में शिक्षकों की तैनाती के लिए ग्रामीण अब अनशन करने को भी मजबूर हो रहे हैं. इन दिनों धारचुला के गांव जुम्मा के ग्रामीण पिछले एक हफ्ते से क्रमिक अनशन में बैठे हैं वजह है यहां राजकीय इंटर कॉलेज में शिक्षकों की भारी कमी, जिनकी नियुक्ति की मांग यहां के ... Read more
खुद का भविष्य बचाने आगे आए पहाड़ के बच्चे, सरकार की यह मांग
पिथौरागढ़: कहते हैं कि शिक्षा और शिक्षक समाज को आगे बढ़ाने का काम करते हैं, लेकिन उत्तराखंड के पहाड़ों में बिना शिक्षक के हीं छात्रों की पढ़ाई चल रही है. परेशान छात्र अब खुद अपने भविष्य को बचाने आगे आएं हैं. अब ऐसे में छात्रों का भविष्य कैसे बनेगा? ये सोचने वाली बात है. दरअसल, उत्तराखंड के दूरस्थ पहाड़ी इलाकों के बच्चों को शिक्षा से जोड़ने के लिए सरकारी स्कूल खोले गए. समय के साथ इन स्कूलों के माहौल भी बेहतर होते जाना था, लेकिन हुआ इसका उल्टा. धीरे-धीरे पहाड़ के सरकारी स्कूलों के हालत खस्ताहाल होते जा रहे हैं. ... Read more
OMG! उत्तराखंड के 400 से अधिक स्कूलों में केवल एक टीचर, कई बंद होने की कगार पर
हिमांशु जोशी/ पिथौरागढ़: उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा का रिजल्ट घोषित होने के बाद सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था भी सामने आई है. पिथौरागढ़ जिले की बात करें तो यहां ऐसे कई सरकारी स्कूल हैं, जहां शिक्षक ही मौजूद नहीं हैं. कुछ चंद स्कूलों को छोड़ दिया जाए तो अन्य सभी स्कूल बिना प्रधानाचार्य के चल रहे हैं. तो वहीं, सिर्फ एक टीचर के सहारे चलने वाले स्कूलों की संख्या भी काफी ज्यादा है. 439 स्कूलों में मात्र एक टीचरशिक्षा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, पिथौरागढ़ जिले में 68 इंटरमीडिएट कॉलेज हैं. इनमें से लड़कियों के लिए 7 हैं. इसके अलावा ... Read more
उत्तराखंड के पहाड़ी जिलों के प्राइवेट स्कूलों में एडमिशन की होड़…सरकारी विद्यालयों के हाथ खाली
हिमांशु जोशी/ पिथौरागढ़. उत्तराखंड के पहाड़ी जिलों में सरकारी स्कूलों की दशा साल दर साल खराब होती जा रही है. इस समय स्कूलों में नए सत्र में प्रवेश प्रक्रिया चली हुई है. एक तरफ जहां प्राइवेट स्कूलों में एडमिशन के लिए संस्थान अभिवावकों को रिझाने में लगे हुए हैं, तो वहीं सरकारी स्कूलों में लगातार एडमिशन की संख्या में गिरावट आ रही है. बात अगर पिथौरागढ़ जिले की करें तो यहां शहर के सरकारी स्कूलों में जहां एक समय कक्षा 6 में एडमिशन लेने के लिए भीड़ लगी रहती थी, वहां औसतन 10 बच्चे ही एडमिशन को पहुंच रहे हैं. ... Read more
पिथौरागढ़ जिले के सरकारी स्कूलों में सिर्फ 13 प्रधानाचार्य, इन विकासखंडों में अब बाबू संभालेंगे स्कूल की कमान
हिमांशु जोशी/ पिथौरागढ़. उत्तराखंड के पहाड़ी जिलों में सरकारी स्कूलों की हालत समय के साथ खस्ताहाल होते जा रही है. शिक्षकों को कमी से लगातार सरकारी स्कूलों से जनता का मोहभंग हो रहा है, जिसका असर यह हुआ है कि पहाड़ के अधिकांश दूरदराज वाले इलाकों में छात्र संख्या 10 से कम और कई जगह तो शून्य हो गई है. शिक्षा महकमा सरकारी स्कूलों की स्थिति को सुधारने के लिए अभी तक कोई ठोस नीति नहीं बना सका है. हालात तो यह है कि स्कूल में सबसे महत्वपूर्ण पद प्रधानाचार्य का होता है, जिसका पिथौरागढ़ जिले में काफी टोटा है. ... Read more
विभाग ने बंद किया 123 साल पुराना सरकारी स्कूल, ग्रामीणों ने जबरन खुलवाया
जिले में सिर्फ सिरपोली ही नहीं और भी ऐसे कई स्कूल हैं जहां शिक्षा विभाग समय के साथ ना तो इन विद्यालयों के भवन सुधार पाया है और ना ही यहां की शिक्षा व्यवस्था को, जिससे आज पहाड़ों में आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा देना एक बड़ी चुनौती बन गया है.