उत्तराखंड के सरकारी स्कूलों होगी मशरूम की खेती… 16,000 विद्यालयों में किया जाएगा लागू! जानें कब और कैसे?



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Mushroom Farming In Govt Schools Of Uttarakhand : उत्तराखंड में 11,380 प्राथमिक विद्यालय और 2,250 अपर प्राइमरी स्कूल हैं. इस योजना को चरणबद्ध तरीके से सभी स्कूलों में लागू किया जाएगा. देहरादून और टिहरी जिलों में सफलता के बाद यह पहल पूरे उत्तराखंड के लिए…और पढ़ें

देहरादून : उत्तराखंड के सरकारी स्कूल केवल पढ़ाई का केंद्र ही नहीं रहेंगे, बल्कि यहां रोजगार की फसल भी लहलहाएगी. प्रदेश सरकार ने एक नई और अनूठी पहल के तहत स्कूल परिसरों में मशरूम की खेती (Mushroom Farming) शुरू करने का फैसला किया है. इस पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत इस महीने देहरादून और टिहरी जिलों के स्कूलों से की जाएगी. योजना की सफलता के बाद इसे प्रदेश के 16,000 से अधिक स्कूलों में लागू किया जाएगा.

इस योजना के तहत 40 भोजन माताओं को मशरूम उगाने का प्रशिक्षण दिया जाएगा. इन माताओं को न केवल खेती की तकनीक सिखाई जाएगी, बल्कि यह भी बताया जाएगा कि बच्चों के पोषण में इसका कैसे उपयोग किया जा सकता है. शिक्षा महानिदेशक झरना कमठान ने इस पहल को बच्चों के लिए बड़ा अवसर बताया. उनका कहना है कि इस योजना के जरिए बच्चे न केवल पढ़ाई करेंगे, बल्कि कारोबारी कौशल भी सीखेंगे. यह ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है.

बच्चों की डाइट में किया जाएगा शामिल
गौरतलब है कि इस योजना से प्रधानमंत्री पोषण योजना को भी नया आयाम मिलेगा. वर्तमान में छात्रों को स्कूलों में पका हुआ भोजन दिया जाता है. अब स्कूलों में उगाई जाने वाली मशरूम को भी बच्चों की डाइट में शामिल किया जाएगा, जिससे उनकी पोषण गुणवत्ता और बेहतर होगी. यह पायलट प्रोजेक्ट अगर सफल होता है तो प्रदेश भर के स्कूलों में भी इसे लागू किया जाएगा.

देहरादून और टिहरी जिलों में शुरू होगा पायलट प्रोजेक्ट
मशरूम एक बेहद पौष्टिक खाद्य पदार्थ है, जिसमें प्रचुर मात्रा में विटामिन, मिनरल्स और एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं. बच्चों के लिए मशरूम खासतौर पर लाभकारी है क्योंकि यह उनकी प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है और बीमारियों से बचाता है. मशरूम में विटामिन डी की प्रचुरता होती है, जो हड्डियों और दांतों के विकास के लिए आवश्यक है. प्रदेश में 11,380 प्राथमिक विद्यालय और 2,250 अपर प्राइमरी स्कूल हैं. इस योजना को चरणबद्ध तरीके से सभी स्कूलों में लागू किया जाएगा. देहरादून और टिहरी जिलों में सफलता के बाद यह पहल पूरे उत्तराखंड के लिए एक रोल मॉडल बनेगी.

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उत्तराखंड के सरकारी स्कूलों में होगी मशरूम की खेती…