Tag: बागेश्वर न्यूज

उफ्फ! चांद पर पहुंच गई दुनिया और यहां आज भी गरारी से पुल पार करते हैं बच्चे, रोज डालते हैं जान जोखिम में

Agency:News18 Uttarakhand Last Updated:January 29, 2025, 15:31 IST Pithoragarh: आज के आधुनिक समय में जब दुनिया कहां से कहां पहुंच रही है, ऐसे में पिथौरागढ़ में गौरी नदी पर पुल तक नहीं है. यहां के लोगों, यहां तक कि बच्चों को जान जोखिम में डालकर नदी पार करने के लिए गरारी से आना-…और पढ़ें तहसीलदार को ज्ञापन देते ग्रामीण  हाइलाइट्स पिथौरागढ़ में पुल न होने से लोग गरारी से नदी पार करते हैं. ग्रामीणों ने पक्का पुल बनाने की मांग की है. पुल न बनने पर ग्रामीण आंदोलन की चेतावनी दे रहे हैं. पिथौरागढ़: उत्तराखंड में पिथौरागढ़ के घुरुड़ी और ... Read more

Bageshwar News: स्कूली बच्चों को टेक्नोलॉजी का ककहरा सिखा रहे 'मिस्टर खोजी'

बागेश्वर. उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में युवा पीढ़ी लगातार उन्नति कर रही है. खुद का हुनर निखारने के साथ ही ऐसे युवा दूसरों के लिए भी प्रेरणा बन रहे हैं. ऐसे ही बागेश्वर के एक यूट्यूबर ने अनोखी पहल की है. मूल रूप से बागेश्वर के रहने वाले जीवन कोरंगा उर्फ ‘मिस्टर खोजी’ जिले के सरकारी स्कूलों में जाकर स्टूडेंट को नई टेक्नोलॉजी के बारे में जागरूक कर रहे हैं. वह हर शनिवार किसी न किसी स्कूल में प्रोग्राम आयोजित करते हैं. अब तक जीवन जिले के तीन स्कूलों में टेक्नोलॉजी संबंधित प्रोग्राम कर चुके हैं. इसके लिए वह किसी ... Read more

Bageshwar: इस कंपटीशन के जरिये प्राइमरी स्कूल के बच्चों ने सीखी मैथ्स, खेल-खेल में जानी बारीकियां

Bageshwar: उत्तराखंड के बागेश्वर जैसे कई पहाड़ी इलाकों में अक्सर मैथ सब्जेक्ट स्टूडेंट्स को कठिन लगता है. ऐसे विषयों को आसान भाषा में सिखाने के लिए बागेश्वर डायट में कई कंपटीशन कराए जाते हैं. ठीक इसी प्रकार बागेश्वर डायट में प्राइमरी स्टूडेंट को खेल-खेल में मैथ सिखाने के लिए अबेकस कंपटीशन कराया गया. लोकल 18 से खास बातचीत करते हुए कार्यक्रम के समन्वयक भैरव पांडे ने बताया कि मैथ की गणनाओं और उनकी पहेलियां को सरल तरीके से समझने में अबेकस कंपटीशन महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. इन प्रतियोगिताओं को लेकर स्टूडेंट में भी काफी उत्साह रहता है. डायट में हुआ ... Read more

पहाड़ की लड़कियां सीख रहीं 3D पेंटिंग, आर्ट टीचर ने बदल दी स्कूल की सूरत

बागेश्वर. उत्तराखंड के कई पर्वतीय इलाकों में अक्सर देखा जाता है कि कला विषय महज कॉपी-किताबों तक ही सीमित रह जाता है, लेकिन बागेश्वर के एक स्कूल शिक्षक ने कमाल कर दिखाया है. वह स्कूल की छात्राओं को 3D पेंटिंग बनाना सिखा रहे हैं. जिले के भेंटा स्थित राजकीय इंटर कॉलेज में तीन साल से सेवाएं दे रहे कला शिक्षक नवीन गढ़िया ने 3D पेंटिंग से पूरे स्कूल की सूरत ही बदल दी है. उन्होंने छात्राओं के साथ मिलकर स्कूल की दीवारों को जीवंत रूप दिया है. इस पहल के माध्यम से स्कूल की सुंदरता बढ़ने के साथ ही छात्राओं ... Read more

Bageshwar: एक गलती रोक सकती है स्कॉलरशिप और पेंशन? जानें क्या है आधार सीडिंग

बागेश्वर: उत्तराखंड सरकार बागेश्वर जैसे जिलों में आधुनिक तकनीकी को बढ़ावा देने के लिए कई नई प्रक्रियाओं को अपना रही है, इन्हीं में से एक आधार सीडिंग भी है. यहां एक ऐसी प्रक्रिया है, जिसकी मदद से लाभार्थी डायरेक्ट अपने खाते में योजना की धनराशि प्राप्त कर सकते हैं. यह खासतौर पर पेंशन और स्कॉलरशिप का लाभ उठाने  वालों के लिए जरूरी है. इसके लिए आज ही अपने नजदीकी बैंक में जाकर आधार सीडिंग करा लें. आधार सीडिंग को लेकर बागेश्वर जिला प्रशासन भी आपकी हरसंभव मदद करेगा. लोकल 18 से खास बातचीत करते हुए जिलाधिकारी आशीष भटगांई बताते हैं ... Read more

साफ-सफाई के लिए सम्मान का अनोखा अंदाज, रेडक्रॉस सोसाइटी की पहल

बागेश्वर. स्वच्छता मानव जीवन की एक अच्छी आदत मानी जाती है. जिस प्रकार से मनुष्य अपने शरीर को स्वच्छ रखता है, ठीक उसी प्रकार से अपने आसपास भी सफाई रखना मनुष्य का कर्तव्य है. ऐसे ही उत्तराखंड के बागेश्वर नगर में स्वच्छता रखने वाले व्यापारियों का रेडक्रॉस ने अनोखे अंदाज में आभार जताया. रेडक्रॉस सोसाइटी के सदस्यों ने ऐसे व्यापारियों को गुलाब का फूल देकर सम्मानित किया है. लोकल 18 से बातचीत में रेडक्रॉस सोसाइटी के सचिव आलोक पांडे बताते हैं कि स्वच्छता एक अच्छी आदत है. सफाई की आदत को महत्व देने वाले व्यक्तियों का मनोबल बढ़ाने के लिए ... Read more

Digital India के जमाने में भी इस गांव में शोपीस है मोबाइल, इंटरनेट तो है दूर की कौड़ी

बागेश्वर. मोबाइल आजकल जरुरत का एक अहम हिस्सा है. मोबाइल ​पर हर कोई आश्रित है क्योंकि इसके जरिए बहुत से काम आसानी से हो जाते हैं. यही कारण है कि आजकल हर मोबाइल कम्पनी अपने नेटवर्क को लेकर प्रचार प्रसार करती रहती है लेकिन बागेश्वर गांव में यह सब बेमानी सा है. दरअसल यहां लोगों के हाथ में मोबाइल तो है लेकिन नेटवर्क ना होने के कारण यह मोबाइल उनके लिए सिर्फ एक डिब्बा हैं. यहां सरकार का डिजिटल इंडिया का सपना अधूरा है. यही कारण है कि यहां मोबाइल शोपीस बनकर रह गए हैं. 80 से अधिक गांवों में ... Read more