उत्तराखंड में मदरसा बोर्ड अलग ही गेम खेल रहा… जिन्हें सरकार ने सील किया, उन्हें चुपके से दे दी मान्यता
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Uttarakhand News : उत्तराखंड में आश्चर्य की बात ये है कि ये सब तब हुआ, जब उत्तराखंड सरकार युद्धस्तर पर अवैध मदरसों के खिलाफ अभियान छेड़े हुए है.
उत्तराखंड में सील मदरसों को मदरसा बोर्ड ने चुपचाप मान्यता दे दी..
हाइलाइट्स
- उत्तराखंड में मदरसा बोर्ड पर सवाल उठे.
- सील मदरसों को चुपचाप मान्यता दी गई.
- सरकार अवैध मदरसों के खिलाफ अभियान चला रही है.
देहरादून : उत्तराखंड मदरसा शिक्षा बोर्ड एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गया है. एक ओर सरकार अवैध मदरसों को सील करने की कार्रवाई कर रही है तो दूसरी ओर मदरसा शिक्षा बोर्ड सील मदरसों को चुपचाप मान्यता दे रहा है. इससे कई सवाल खड़े हो रहे हैं. सवाल ये कि क्या मदरसा शिक्षा बोर्ड अपनी पैरालल सत्ता चला रहा है? सवाल ये कि क्या मदरसा बोर्ड मदरसों को सीलिंग की कार्रवाई से बचाने के लिए बिना जांच के ही उन्हें मान्यता दे रहा है? देखिए एक रिपोर्ट..
दरअसल, उत्तराखंड मदरसा शिक्षा बोर्ड ने पिछले दिनों पांच ऐसे मदरसों को मान्यता दे दी, जिन्हें अवैध पाए जाने के कारण प्रशासन पहले ही सील कर चुका था. शासन में जब बोर्ड की इस कारस्तानी की शिकायत हुई तो बोर्ड ने आनन-फानन में मान्यता को स्थगित कर 2 मई को मदरसों पर जांच बैठा दी. इसके लिए अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी को जांच अधिकारी बनाया गया है. बड़ा सवाल ये है कि बोर्ड ने बिना जांच पड़ताल के ही मदरसों को कैसे मान्यता दे दी?
वो मदरसे, जिनको प्रशासन ने सील किया और मदरसा बोर्ड ने उन्हें चुपचाप मान्यता दे दी..
-दारूल कुरान शकूरिया, विकास नगर
-दारूल उलूम मोहम्मदिया, देहरादून
-इशातुल उलूम मदरसा, डोईवाला
-कासमिया दारूल हनफिया, देहरादून
-जमिया नरूल उलूम, डोईवाला
आश्चर्य की बात ये है कि ये सब तब हुआ, जब सरकार युद्धस्तर पर अवैध मदरसों के खिलाफ अभियान छेड़े हुए है. अभी तक प्रदेश भर में अवैध रूप से संचालित 201 मदरसे सील किए जा चुके हैं.. इनमें सबसे अधिक 67 मदरसे हरिद्वार, 65 मदरसे यूएसनगर और 44 मदरसे देहरादून में सील किए गए हैं.