चॉकलेट बैठक से मिल रही सरकारी स्कूलों में बच्चों के विकास में मदद, इस दुर्गम क्षेत्र से शुरू हुई ये अनोखी पहल
हिमांशु जोशी/पिथौरागढ़. जनपद के सीमावर्ती क्षेत्र मुनस्यारी के सरकारी स्कूलों में प्रतिभाओं को निखारने के लिए यहां चॉकलेट बैठक का आयोजन एक साल पहले से शुरू हुआ था. यहां के पंचायत प्रतिनिधि जगत सिंह मर्तोलिया ने शिक्षा विभाग और अभिवावकों की मदद से इस बैठक का आयोजन शुरू किया. इसमें बच्चों को अच्छी गाइडेंस और उनके पर्सनालिटी डेवलपमेंट में काम करने की शुरुआत हुई. इसका असर ये हुआ कि आज दुर्गम क्षेत्रों के सरकारी स्कूल के बच्चे काफी अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं. उनके अंदर शिक्षा के साथ ही सामाजिक जिम्मेदारियों को वहन करने का बोध आ रहा है.
सरकारी स्कूलों में नियमित रूप से होने वाली इस चॉकलेट बैठक में बच्चों को शिक्षा के अलावा एक्स्ट्रा करिकुलर एक्टिविटीज की जानकारी दी जाती है. उन्हें हर क्षेत्र से रूबरू कराया जाता है चाहे वह कला, विज्ञान, खेल, संस्कृति, डांस, गायन क्षेत्र हो, सभी बच्चे इसमें खुल के प्रतिभाग कर रहे हैं. इससे बच्चों के अंदर की झिझक खत्म हो रही है. स्कूलों में इस तरह के नए प्रयोग से अभिवावक भी खुश हैं. उन्हें अपने बच्चों की छुपी प्रतिभा का पता चल रहा है.
इसलिए रखा चॉकलेट बैठक नाम
इस बैठक की शुरुआत करने वाले पंचायत प्रतिनिधि जगत सिंह मर्तोलिया ने लोकल18 को बताया कि इसका नाम चॉकलेट बैठक इसलिए रखा गया ताकि बच्चों की इसमें रुचि बढ़े. बैठक में अभिवावक और बच्चे दोनों शामिल होते हैं, जिससे बच्चों में हो रहे विकास और बदलाव का पता घरवालों को भी चल पाता है. उत्तराखंड के पहाड़ी जिलों में सरकारी स्कूलों की हालत किसी से छिपी हुई नहीं है. यहां के ग्रामीण इलाकों के बच्चों को कंपीटिशन के इस दौर में गुणवत्ता वाली शिक्षा नहीं मिल पाती है. ऐसे में इस तरह की पहल से यहां के बच्चों को नई दिशा मिलने और उनके सर्वांगीण विकास में काफी मदद मिल रही है.
FIRST PUBLISHED : June 14, 2024, 11:26 IST