रिपोर्ट- हिमांशु जोशी
पिथौरागढ़. उत्तराखंड के डीजीपी अशोक कुमार ने राज्य में बच्चों को ‘भिक्षा नहीं, शिक्षा दें’ की थीम पर ऑपरेशन मुक्ति शुरू किया है. इसकेअंतर्गत समाज में विभिन्न वर्गों के बच्चे, जो स्कूल जाने में असमर्थ हैं और भिक्षावृत्ति में लिप्त हैं, को पुलिस द्वारा चिह्नित किया जा रहा है. उन मासूमों को भिक्षावृत्ति से मुक्ति दिलाकर शिक्षा की पर प्रोत्साहित किया जाएगा.
पिथौरागढ़ पुलिस वर्तमान में जिले के ऐसे स्थानों को चिह्नित कर रही है, जहां पर बच्चों से बाल मजदूरी या भिक्षावृत्ति जैसे काम कराए जाते हैं. लंबे समय से पिथौरागढ़ जनपद में देखा गया है कि भीख मांगने के लिए छोटे बच्चों का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिस पर पिथौरागढ़ के एसपी लोकेश्वर सिंह ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा है कि इस तरह के कार्यों में लिप्त अगर किसी गिरोह की बात सामने आती है, तो उस गिरोह को भी खत्म करने की बात कही है.
पिथौरागढ़ शहर में इन दिनों बाल श्रम या फिर अन्य छोटे बच्चों का इस्तेमाल उनके परिजन भिक्षावृत्ति में कर रहे हैं. सभ्य समाज में इसकी कल्पना करना मुश्किल है.समाज में हर व्यक्ति का अधिकार है शिक्षा लेने का, ऐसे में कई गरीब छात्र शिक्षा से वंचित रहते हैं, जिसको रोकने के लिए पिथौरागढ़ पुलिस जनपद के अलग-अलग स्थानों में नुक्कड़ नाटक के माध्यम से लोगों को जागरूक कर रही है. साथ ही पिथौरागढ़ से लगे ग्रामीण इलाकों में घर-घर जाकर जागरूकता से संबंधित अभियान भी चलाए जा रहे हैं, जिससे बाल श्रम अपराध से बच्चों को रोका जा सके. पिथौरागढ़ पुलिस की इस पहल का सभी लोगों ने स्वागत किया है. साथ ही पिथौरागढ़ के एसपी लोकेश्वर सिंह का आभार जताया है.
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FIRST PUBLISHED : August 11, 2022, 12:29 IST
