बिहार का वह प्रोफेसर, जिनकी किताब पढ़े बिना IIT-NIT में एंट्री नामुमकिन
श्रीनगर गढ़वाल/कमल पिमोली.आपने विज्ञान के क्षेत्र में बेहतरीन कार्य करने वाले अल्बर्ट आइंस्टीन, जेजे थॉमसन, अर्नेस्ट रदरफोर्ड समेत कई वैज्ञानिकों का नाम सुना होगा. इसी तरह आप भारत के डॉ. हरीश चंद्र वर्मा यानी डॉ. एचसी वर्मा को भी जरूर जानते होंगे. IIT के इंजीनियर हों या NIT पासआउट या फिर 12वीं साइंस के स्टूडेंट्स, इन लोगों की जुबां पर डॉ. एचसी वर्मा का नाम निश्चित रूप से सुना होगा. ये वही डॉ. एचसी वर्मा हैं जिनकी लिखी फिजिक्स की मशहूर किताब ‘कॉन्सेप्ट ऑफ फिजिक्स’ आपने पढ़ी होगी. डॉ. वर्मा को साल 2021 में विज्ञान के क्षेत्र में कार्य करने के लिए पद्मश्री सम्मान से भी नवाजा गया था.
प्रोफेसर हरीश चंद्र वर्मा बीते दिनों गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय, श्रीनगर पहुंचे थे. विज्ञान दिवस के मौके पर यहां उन्होंने ‘रमन प्रभाव के विशेष उल्लेख के साथ प्रकाश’ विषय पर विशेष व्याख्यान प्रस्तुत किया. आपको बता दें कि पद्मश्री डॉ एचसी वर्मा मूलरूप से बिहार के दरभंगा जिले के रहने वाले हैं. डॉ शर्मा की बचपन में तो विज्ञान व गणित में रुचि नहीं थी, लेकिन जब उन्होंने स्नातक की पढ़ाई के लिए पटना विज्ञान विवि में प्रवेश लिया, तो अचानक से उनकी विज्ञान के प्रति लगाव बढ़ा. वह फिजिक्स पढ़ने में अपना अधिक समय देने लगे. लोकल18 के साथ बातचीत में डॉ. वर्मा ने साइंस के प्रति अपने लगाव के बारे में बताया.
B.Sc के दौरान विज्ञान के प्रति बढ़ी रुचि
डॉ. वर्मा ने लोकल18 से बातचीत में कहा कि उन्होंने पटना से ग्रेजुएशन पूरा करने के बाद GATE परीक्षा क्वालीफाई की. इसके बाद आईआईटी कानपुर में एमएससी के लिए प्रवेश लिया. एमएससी करने के बाद उन्होंने यहीं से डॉक्टरेट की पढ़ाई पूरी की. इसके बाद डॉ एचसी वर्मा ने पटना साइंस कॉलेज में पढ़ाना शुरू कर दिया. बाद में वह आईआईटी कानपुर में प्रोफेसर बनें.
Concept of Physics बेस्ट सेलिंग किताब
डॉ एचसी वर्मा बताते हैं कि पढ़ाने के दौरान उन्होंने देखा कि छात्र फिजिक्स की जटिल भाषा को समझ नहीं पा रहे हैं. इसी समस्या को दूर करने के लिए उन्होंने किताब लिखने का मन बनाया. करीब 8 साल की मेहनत के बाद वे कॉन्सेप्ट ऑफ़ फिजिक्स किताब लेकर आए. यह फिजिक्स की बेस्ट सेलिंग किताबों में से एक है. IIT, JEE MAINS से लेकर स्कूली छात्र इस किताब को पढ़कर ही तैयारी करते हैं. इसके साथ डॉ वर्मा ने क्वांटम फिजिक्स, सॉल्यूशन ऑफ फिजिक्स किताब भी लिखी. वहीं नाभिकीय ऊर्जा पर भी उन्होंने कार्य किया, जिसे लेकर उन्हें पद्मश्री से भी नवाजा गया.
सीखने की क्षमता को विकसित करना जरूरी
डॉ. एचसी वर्मा बताते हैं कि परमाणु ऊर्जा पर भारत ने अपनी काबिलियत साबित की है. जिस तरह के कार्य पोखरण से लेकर अब तक वैज्ञानिक कर पाए हैं, वह सराहनीय है. छात्रों को कामयाबी का मंत्र देते हुए डॉ. वर्मा कहते हैं कि पास होने के लिए पढ़ने से बेहतर, अगर आप सीखने के लिए पढ़ेंगे, तो कामयाबी जल्दी हासिल होगी. जो विद्यार्थी देश के सर्वाधिक प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग संस्थान आईआईटी के एंट्रेंस की तैयारी करते हैं, अगर उनका चयन वहां नहीं हो पाता है, तो निराश होने की जरूरत नहीं है. दरअसल, संस्थान आपकी काबिलियत तय नहीं करता है. अगर आपके अंदर सीखने की क्षमता नहीं है, तो आप संसाधनों का फायदा भी नहीं ले सकते हैं.
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FIRST PUBLISHED : March 1, 2024, 17:01 IST