भारत का सबसे अनूठा 'लाइब्रेरी विलेज', 250 परिवार और 17 हजार से ज्यादा किताबें
कमल पिमोली/ रुद्रप्रयाग. उत्तराखंड की खूबसूरत पहाड़ की वादियों के बीच किताबों की एक रहस्यमयी दुनिया बसी हुई है. यहां 17,500 से ज्यादा किताबों का कलेक्शन देखने को मिलता है. उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में स्थित अगस्त्यमुनि ब्लॉक का मणिगुह गांव पुस्तकालय गांव (Library Village Uttarakhand) के नाम से अपनी पहचान बना रहा है.
इस गांव को लाइब्रेरी विलेज के रूप में पहचान दिलाने के लिए ‘हमारा गांव घर’ फाउंडेशन का बड़ा योगदान है. लाइब्रेरी विलेज विजिट करने वाले लोग यहां गांव का जीवन एक्सप्लोर करने के साथ इस गांव से मनदाणी, सतोपंत, केदारनाथ, भारतखुंड, खरचकुण्ड, थलय सागर आदि पर्वत श्रृंखलाओं के दीदार भी कर सकते हैं. 1664 मीटर की ऊंचाई पर बसा मणिगुह गांव दिखने में बेहद खूबसूरत है. यहां वर्तमान में 250 परिवार रहते हैं. गांव में कई होमस्टे भी बनकर तैयार हो चुके हैं.
ऐसे हुई शुरुआत
लाइब्रेरी के संचालक महेश नेगी Local 18 को बताते हैं कि हमारा गांव घर फाउंडेशन की नींव 26 जनवरी 2023 को रखी गई थी. बीना मिश्रा, सुमन मिश्रा, राहुल रावत, आलोक सोनी ने मिलकर इस फाउंडेशन को शुरू किया. फाउंडेशन का उद्देश्य गांव का आर्थिक व शैक्षणिक विकास करना है. गांव के बच्चे एकदम तो लाइब्रेरी से नहीं जुड़े लेकिन धीरे-धीरे जब बच्चों को पता चला कि यहां पढ़ने का कोई शुल्क नहीं लिया जाता है, तो बच्चों की संख्या बढ़ने लगी. प्रतिदिन 10 से 12 बच्चे स्कूल खत्म होने के बाद लाइब्रेरी में पढ़ने के लिए पहुंच जाते हैं.
गांव के आसपास 8 पुस्तक मंदिरों की स्थापना
महेश नेगी बताते हैं कि जब यहां पुस्तकालय की शुरुआत की गई, तो उस दौरान तीन दिवसीय गांव घर महोत्सव का आयोजन किया गया था. इसमें किसान, कवि, रंगमंच कर्मी समेत सामाजिक क्षेत्रों से जुड़े हुए लोग पहुंचे थे. उत्तराखंड के कई इलाकों में पुस्तकालय खोले गये हैं, लेकिन वहां लोगों की आवाजाही कम है. ऐसे में उनके द्वारा यह प्रयास किया गया कि पुस्तकालय को लोगों के व्यक्तित्व का हिस्सा बनाया जाए. इसके लिए ग्रामसभा के विभिन्न क्षेत्रों में 8 पुस्तक मंदिरों की स्थापना की गई है, ताकि दूरस्थ क्षेत्र के लोग भी आसानी से किताबें पढ़ सकें.
साहित्य से लेकर प्रतियोगी परीक्षाओं की किताबें
वह आगे बताते हैं कि यहां विभिन्न विषयों पर आधारित पुस्तक, प्रतियोगी परीक्षाओं, साहित्य से जुड़ी किताबों के अलावा जाने-माने लेखकों की किताबें भी पढ़ने को मिल जाएंगी. उत्तराखंड आंदोलन से जुड़े दस्तावेज भी लाइब्रेरी में मौजूद हैं. वहीं कई दुर्लभ किताबों का भी यहां कलेक्शन मौजूद है. सालभर कई शैक्षणिक गतिविधियां यहां आयोजित की जाती हैं.
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Tags: Library, Local18
FIRST PUBLISHED : April 3, 2024, 15:27 IST