मोबाइल नहीं किताबों में बढ़ेगी बच्चों की दिलचस्पी, शिक्षा विभाग का अनोखा प्लान


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Bageshwar News: हर शनिवार स्कूल की छुट्टी होने के बाद छात्रों को स्कूल की लाइब्रेरी से किताबें दी जाएंगी. स्टूडेंट्स अपनी रुचि के हिसाब से किताबों का चयन कर सकते हैं.

शिक्षा विभाग का प्रयोग सफल रहा तो पूरे जिले में इसे लागू किया जाएगा.

बागेश्वर. उत्तराखंड सरकार शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं चला रही है. प्राइमरी स्कूलों में छात्रों को नई शिक्षा नीति के तहत कई एक्टिविटी कराई जा रही हैं. ठीक ऐसे ही प्राइमरी स्कूल के स्टूडेंट्स में पढ़ने की आदत को डेवलप करने के लिए शिक्षा विभाग ने अनूठी पहल शुरू की है. बागेश्वर ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालयों में छात्रों को शनिवार को लाइब्रेरी से किताबें लेनी होंगी. यह सभी छात्रों के लिए अनिवार्य होगा. विभाग का मानना है कि ऐसा करने से स्टूडेंट्स मनोरंजन के लिए मोबाइल पर निर्भर होने की बजाय अलग-अलग किताबों का सहारा लेंगे.

शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, सप्ताह के हर शनिवार को स्कूल की छुट्टी होने के बाद छात्रों को स्कूल की लाइब्रेरी से किताबें बांटी जाएंगी. स्टूडेंट्स अपनी रुचि के अनुसार किताबों का चयन कर सकते हैं. छात्रों को मिलने वाली किताबों में कॉमिक्स, बाल कहानी, पहेली और अन्य किताबें शामिल होंगी. सोमवार और मंगलवार को किताबें वापस ले ली जाएंगी. इस दौरान छात्रों को किताबों में दी गई जानकारी के बारे में टीचर को बताना होगा. इसकी निगरानी के लिए शिक्षा विभाग स्कूल प्रशासन से कार्यक्रम की सूचना, फोटो और वीडियो प्राप्त करेगा, जिनके आधार पर कार्यक्रम के बारे में हर सूचना रखी जाएगी. विभाग ने बताया कि अभी तक स्कूलों में केवल तीन बार ही कार्यक्रम संचालित किया गया है. भविष्य में कार्यक्रम को ज्यादा तेजी से आगे बढ़ाने की तैयारी की जा रही है.

बागेश्वर ब्लॉक के प्राइमरी स्कूलों में प्रयोग
डीईओ (बेसिक) विनय कुमार ने इस बारे में कहा कि वह बीते 9 साल से तैनाती स्थान पर यह तरीका अपना रहे हैं. उन्होंने देखा कि छात्रों में पढ़ने की रुचि को विकसित करने के लिए यह तरीका काफी कारगर साबित होता है, इसलिए वर्तमान में बागेश्वर ब्लॉक के प्राइमरी स्कूलों में यह प्रयोग किया जा रहा है. इसके सफल होने पर जिले के सभी विद्यालयों में यह नियम लागू किया जाएगा. उन्होंने कहा कि वर्तमान में छात्र-छात्राएं पढ़ने और मनोरंजन के लिए मोबाइल का प्रयोग कर रहे हैं. उनकी इस आदत को बदलने और किताबों से बनाई गई दूरी को कम करने के लिए यह प्रयास किया जा रहा है. इस तरीके को अपनाने से बच्चों में पढ़ने की रुचि विकसित हो सकेगी. नई चीजों के बारे में लगातार पढ़ने से वे क्रिएटिव होंगे, जिससे वे क्रिएटिव कॉर्नर के बारे में अधिक सोच सकेंगे.

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