रात में किसने चलवाया बुलडोजर? सरकारी भवन किसने तोड़ा पता नहीं! दो विभागों में तू-तू मैं-मैं, क्या है मामला?
हाइलाइट्स
एक सरकारी कर्मचारी की बचत की रकम मलबे की भेंट चढ़ी
हाई कोर्ट में विवादित ज़मीन की पहली सुनवाई और उसी रात चला बुलडोजर
चंदन बंगारी
रुद्रपुर. उत्तराखंड में अवैध निर्माणों पर बुलडोजर की धमक के बीच एक दिलचस्प मामला सामने आया है क्योंकि दो सरकारी विभागों के बीच तनातनी हो गई है. उधमसिंहनगर के दिनेशपुर में सिंचाई विभाग की बिल्डिंग पर रात के अंधेरे में बुलडोजर चल गया तो आरोप नगर पंचायत विभाग पर लगा, लेकिन नगर पंचायत का कहना है कि बुलडोजर किसने चलाया, उसे नहीं पता! इस मामले में दो बातें बड़ी अहम हैं कि जिन सरकारी भवनों को तोड़ा गया है, उन्हें लेकर हाई कोर्ट में मामला चल रहा है और दूसरे इस तोड़फोड़ कार्रवाई से कई कागज़ात और एक कर्मचारी के लाखों रुपये की रकम मलबे की भेंट चढ़ गई है.
इस पूरे मामले को ऐसे समझें. सिंचाई विभाग का दावा है कि दिनेशपुर में 6000 वर्ग मीटर जमीन पर भवन 1960 के दशक से उसके हैं. कुछ साल पहले नगर पंचायत ने एक चौथाई हिस्से में शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बना लिया, जिसके खिलाफ सिंचाई विभाग कोर्ट में गया. फैसला नगर पंचायत के हक में गया तो सिंचाई विभाग ने हाईकोर्ट की शरण ली. सिंचाई विभाग के अधिकारी मदन मोहन जोशी के अनुसार सोमवार को हाई कोर्ट में पहली सुनवाई हुई और 4 मई अगली डेट दी गई. लेकिन इसी बीच सोमवार रात सिंचाई विभाग के भवनों पर बुलडोजर चल गया.
बुलडोज़र चलने से ध्वस्त हुए भवन और इससे जुड़ी शिकायत, जो सिंचाई विभाग के कर्मचारी ने पुलिस को दी.
किसका क्या है दावा और आरोप?
सिंचाई विभाग ने आरोप लगाया है कि मामला हाई कोर्ट में होने के बावजूद नगर पंचायत ने बुलडोज़र चलवाया, लेकिन नगर पंचायत की ईओ सरोज गौतम इससे इनकार कर रही हैं.
“नगर पंचायत विभाग जिला कोर्ट से केस जीत चुका है. इस ज़मीन पर पार्किंग संबंधी कई प्रस्ताव चल रहे हैं, लेकिन सिंचाई विभाग के सरकारी भवन हमने नहीं तुड़वाए. पता करते हैं कि किसने बुलडोज़र चलवाया है.”
हाथियों की लड़ाई में कुचली गई घास
सिंचाई विभाग में बेलदार के रूप में कार्यरत शिवराम की पीड़ा अलग है. उनका कहना है कि उन्होंने अपनी बेटी की शादी के लिए पौने दो लाख रुपये जोड़कर रखे थे. शिवराम के मुताबिक कर्मचारी आवास पर बुलडोज़र चलने के बाद मलबे की तरफ अधिकारियों ने जाने नहीं दिया और अब पता नहीं कि उनकी रकम मलबे में दबी है या लूटी जा चुकी है.
टिकैत ने बुलडोजर प्रवृत्ति पर उठाए सवाल
इधर, भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत ने अवैध भवनों को बुलडोज़र से तोड़ने के एक्शन को गलत करार दिया. उधमसिंहनगर में मजदूर महापंचायत में पहुंचे टिकैत ने कहा कोई भवन अवैध है, तो तोड़ने के बजाय उसका इस्तेमाल स्कूल, अस्पताल और अन्य सामाजिक गतिविधियों के लिए किया जाए. भवनों को तोड़ने से क्या फायदा? उन्होंने कहा कि किसान संयुक्त मोर्चा एक है और किसी भी आपात स्थिति के लिए हमेशा तैयार है.
आपके शहर से (ऊधमसिंह नगर)
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