जयपुर। राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने शिक्षा का अधिकार RTE कानून के तहत चयनित बच्चों को निजी विद्यालयों में प्रवेश नहीं मिलने पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर इस गंभीर समस्या का शीघ्र समाधान निकालने की मांग की है। जूली ने बताया कि मार्च 2025 के अंतिम सप्ताह में आरटीई के तहत प्रवेश के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए थे। इसके बाद 9 अप्रैल को शिक्षा मंत्री और विभागीय अधिकारियों की मौजूदगी में लॉटरी निकाली गई, जिसमें लगभग 80 हजार बच्चों का चयन निजी विद्यालयों में प्रवेश के लिए किया गया। लेकिन, चयन के बावजूद अब तक इन बच्चों का दाखिला नहीं हो पाया है, जिससे उनके भविष्य पर संकट खड़ा हो गया है।
उन्होंने कहा कि चयनित बच्चों के अभिभावक अपने अधिकारों के लिए प्रदेशभर में धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। वहीं, प्रदेश के 26 से अधिक नामी निजी विद्यालय सरकार के खिलाफ हाईकोर्ट जा चुके हैं और 14 अगस्त की सुनवाई में 15 और स्कूलों ने भी याचिका दायर की है। दरअसल, 2 मई को हुई सुनवाई में उच्च न्यायालय ने प्रारंभिक कक्षा में दाखिला देने।का आदेश दिया था, किंतु आज तक न तो प्रारंभिक कक्षाओं और न ही पहली कक्षा में प्रवेश दिया जा रहा है। जूली ने कहा कि वर्तमान शैक्षणिक सत्र के दो माह बीतने को हैं, लेकिन चयनित बच्चे अब तक विद्यालय नहीं जा पाए। इस स्थिति से अभिभावक मानसिक तनाव और अवसाद का सामना कर रहे हैं। उन्होंने सरकार से मानवीय दृष्टिकोण अपनाकर इस समस्या का सम्मानजनक हल निकालने की अपील की, ताकि गरीब और जरूरतमंद परिवारों को राहत मिल सके।
